बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
बहुरि राम पद पंकज धोए। जे हर हृदय कमल महुँ गोए।।
मूल पाठ
बहुरि राम पद पंकज धोए। जे हर हृदय कमल महुँ गोए।।
तीनिउ भाई राम सम जानी। धोए चरन जनक निज पानी।।
स्रोत अभिलेख 1.328 · पुस्तक पृ. 313, 314
भावार्थ
मूल पाठ के बादफिर श्रीरामचन्द्रजीके चरणकमलोंको धोया, जो श्रीशिवजीके हृदय-कमलमें छिपे रहते हैं। तीनों भाइयोंको श्रीरामचन्द्रजीके ही समान जानकर जनकजीने उनके भी चरण अपने हाथोंसे धोये॥ ३॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 314 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
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1 बहुरि राम पद पंकज धोए। जे हर हृदय कमल महुँ गोए।।
English explanation
Then Janaka washed Rama’s lotus feet, which lie hidden in the lotus of Shiva’s heart.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| बहुरि | फिर | then |
| राम | श्रीराम के | of Rama |
| पद | चरण | feet |
| पंकज | कमल | lotuses |
| धोए | धोए | washed |
| जे | जो | which |
| हर | शिव के | Shiva’s |
| हृदय | हृदय | heart |
| कमल | कमल | lotus |
| महुँ | में | in |
| गोए | छिपे हुए हैं | lie hidden |
2 तीनिउ भाई राम सम जानी। धोए चरन जनक निज पानी।।
English explanation
Regarding all three brothers as equal to Rama, Janaka washed their feet with his own hands.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| तीनिउ | तीनों ही | all three |
| भाई | भाइयों को | brothers |
| राम | राम के | Rama |
| सम | समान | equal to |
| जानी | मानकर | regarding as |
| धोए | धोए | washed |
| चरन | चरण | feet |
| जनक | राजा जनक ने | King Janaka |
| निज | अपने | his own |
| पानी | हाथों से | with hands |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.328
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 314
- सहायक विषय
- श्रीसीता-राम-विवाह
- मुद्रित पृष्ठ
- 313, 314
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।