बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
बहुरि राममायहि सिरु नावा। प्रेरि सतिहि जेहिं झूँठ कहावा।।
मूल पाठ
बहुरि राममायहि सिरु नावा। प्रेरि सतिहि जेहिं झूँठ कहावा।।
हरि इच्छा भावी बलवाना। हृदयँ बिचारत संभु सुजाना।।
स्रोत अभिलेख 1.56 · पुस्तक पृ. 76, 77
भावार्थ
मूल पाठ के बादफिर श्रीरामचन्द्रजीकी मायाको सिर नवाया, जिसने प्रेरणा करके सतीके मुँहसे भी झूठ कहला दिया। सुजान शिवजीने मनमें विचार किया कि हरिकी इच्छारूपी भावी प्रबल है॥ ३॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 77 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
AI शब्दार्थनीचे के शब्दार्थ AI प्रारूप हैं; विद्वान-समीक्षा बाकी है। ऊपर का भावार्थ PDF संस्करण से है।अर्थ कैसे बने, इसकी प्रक्रिया स्रोत पृष्ठ पर पढ़ें।
1 बहुरि राममायहि सिरु नावा। प्रेरि सतिहि जेहिं झूँठ कहावा।।
English explanation
Then Shiva bowed his head to Rama’s Maya, which had prompted Sati to speak falsely.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| बहुरि | फिर | then; afterward |
| राममायहि | राम की माया को | to Rama’s Maya, his power of illusion |
| सिरु | सिर | head |
| नावा | झुकाया | bowed |
| प्रेरि | प्रेरित करके | having prompted |
| सतिहि | सती को | Sati, as the object |
| जेहिं | जिसने | which |
| झूँठ | झूठ | a falsehood |
| कहावा | कहलवाया | caused her to say |
2 हरि इच्छा भावी बलवाना। हृदयँ बिचारत संभु सुजाना।।
English explanation
Wise Shiva reflected in his heart that what is destined by the Lord’s will is mighty.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| हरि | भगवान की | of the Lord |
| इच्छा | इच्छा | will |
| भावी | होने वाला विधान; होनी | destiny; what is to happen |
| बलवाना | बलवान | mighty; powerful |
| हृदयँ | हृदय में | in the heart |
| बिचारत | विचारते हुए | reflecting |
| संभु | शंभु; शिव | Shiva |
| सुजाना | सुजान; विवेकशील | wise; discerning |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.56
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 77
- सहायक विषय
- सतीका भ्रम, श्रीरामजीका ऐश्वर्य और सतीका खेद
- मुद्रित पृष्ठ
- 76, 77
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।