बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
बहुरि मुनीसन्ह उमा बोलाई। करि सिंगारु सखीं लै आई।।
मूल पाठ
बहुरि मुनीसन्ह उमा बोलाई। करि सिंगारु सखीं लै आई।।
देखत रूपु सकल सुर मोहे। बरनै छबि अस जग कबि को है।।
स्रोत अभिलेख 1.1 · पुस्तक पृ. 114, 114
भावार्थ
मूल पाठ के बादफिर मुनीश्वरोंने पार्वतीजीको बुलाया। सखियाँ शृङ्गार करके उन्हें ले आयीं। पार्वतीजीके रूपको देखते ही सब देवता मोहित हो गये। संसारमें ऐसा कवि कौन है जो उस सुन्दरताका वर्णन कर सके!॥ ३॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 114 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
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1 बहुरि मुनीसन्ह उमा बोलाई। करि सिंगारु सखीं लै आई।।
English explanation
Then the eminent sages called for Uma. Her companions adorned her and brought her there.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| बहुरि | फिर | then |
| मुनीसन्ह | श्रेष्ठ मुनियों ने | the eminent sages |
| उमा | उमा, पार्वती को | Uma, also called Parvati |
| बोलाई | बुलाया | called for |
| करि | करके | having done |
| सिंगारु | शृंगार | adornment |
| सखीं | सखियाँ | her female companions |
| लै | लेकर | taking her along |
| आई | आईं | came |
2 देखत रूपु सकल सुर मोहे। बरनै छबि अस जग कबि को है।।
English explanation
On seeing Uma’s beauty, all the gods were captivated. What poet in the world could describe her loveliness?
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| देखत | देखते ही | on seeing |
| रूपु | सुंदर रूप | beauty |
| सकल | सभी | all |
| सुर | देवता | gods |
| मोहे | मोहित हो गए | were captivated |
| बरनै | वर्णन कर सके | could describe |
| छबि | उनकी सुंदर छवि | her loveliness |
| अस | ऐसा | such |
| जग | संसार में | in the world |
| कबि | कवि | poet |
| को | कौन | who |
| है | है | is there |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.1
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 114
- सहायक विषय
- शिवजीकी विचित्र बारात और विवाहकी तैयारी
- मुद्रित पृष्ठ
- 114, 114
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।