बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
बसहिं नगर सुंदर नर नारी। जनु बहु मनसिज रति तनुधारी।।
मूल पाठ
बसहिं नगर सुंदर नर नारी। जनु बहु मनसिज रति तनुधारी।।
तेहिं पुर बसइ सीलनिधि राजा। अगनित हय गय सेन समाजा।।
स्रोत अभिलेख 1.13 · पुस्तक पृ. 140, 141
भावार्थ
मूल पाठ के बादउस नगरमें ऐसे सुन्दर नर-नारी बसते थे मानो बहुत-से कामदेव और [उसकी स्त्री] रति ही मनुष्य-शरीर धारण किये हुए हों। उस नगरमें शीलनिधि नामका राजा रहता था, जिसके यहाँ असंख्य घोड़े, हाथी और सेनाके समूह (टुकडिय़ाँ) थे॥ १॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 140 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
AI शब्दार्थनीचे के शब्दार्थ AI प्रारूप हैं; विद्वान-समीक्षा बाकी है। ऊपर का भावार्थ PDF संस्करण से है।अर्थ कैसे बने, इसकी प्रक्रिया स्रोत पृष्ठ पर पढ़ें।
1 बसहिं नगर सुंदर नर नारी। जनु बहु मनसिज रति तनुधारी।।
English explanation
Beautiful men and women dwell in the city, as though many embodiments of the love-god and Rati lived there.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| बसहिं | रहते हैं | dwell |
| नगर | नगर में | in the city |
| सुंदर | सुंदर | beautiful |
| नर | पुरुष | men |
| नारी | स्त्रियाँ | women |
| जनु | मानो | as though |
| बहु | अनेक | many |
| मनसिज | कामदेव | the god of love |
| रति | कामदेव की पत्नी रति | Rati, the love-god’s consort |
| तनुधारी | शरीर धारण किए हुए | embodied |
2 तेहिं पुर बसइ सीलनिधि राजा। अगनित हय गय सेन समाजा।।
English explanation
King Shilanidhi lives in that city, with countless horses, elephants, and troops.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| तेहिं | उस | that |
| पुर | नगर में | in the city |
| बसइ | रहता है | lives |
| सीलनिधि | शीलनिधि नाम का | named Shilanidhi |
| राजा | राजा | king |
| अगनित | अनगिनत | countless |
| हय | घोड़े | horses |
| गय | हाथी | elephants |
| सेन | सेना | army |
| समाजा | समूह | assemblages |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.13
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 140
- सहायक विषय
- विश्वमोहिनीका स्वयंवर, शिवगणोंको तथा भगवान्को शाप और नारदका मोह-भंग
- मुद्रित पृष्ठ
- 140, 141
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।