बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
बर अनुहारि बरात न भाई। हँसी करैहहु पर पुर जाई।।
मूल पाठ
बर अनुहारि बरात न भाई। हँसी करैहहु पर पुर जाई।।
बिष्नु बचन सुनि सुर मुसकाने। निज निज सेन सहित बिलगाने।।
स्रोत अभिलेख 1.93 · पुस्तक पृ. 106, 107
भावार्थ
मूल पाठ के बादहे भाई! हमलोगोंकी यह बरात वरके योग्य नहीं है। क्या पराये नगरमें जाकर हँसी कराओगे? विष्णुभगवान्की बात सुनकर देवता मुसकराये और वे अपनी-अपनी सेनासहित अलग हो गये॥ १॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 106 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
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1 बर अनुहारि बरात न भाई। हँसी करैहहु पर पुर जाई।।
English explanation
Brother, the wedding party does not match the bridegroom. You will invite ridicule when you reach the other town.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| बर | दूल्हा | the bridegroom |
| अनुहारि | के अनुरूप | in keeping with |
| बरात | विवाह की बारात | the wedding procession |
| न | नहीं | not |
| भाई | हे भाई | O brother |
| हँसी | हँसी; उपहास | ridicule |
| करैहहु | तुम कराओगे | you will invite |
| पर | दूसरे का | another's |
| पुर | नगर | town |
| जाई | जाकर | having gone |
2 बिष्नु बचन सुनि सुर मुसकाने। निज निज सेन सहित बिलगाने।।
English explanation
Hearing Vishnu's words, the gods smiled and moved apart, each with his own company.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| बिष्नु | भगवान विष्णु | Vishnu, the deity |
| बचन | वचन | words |
| सुनि | सुनकर | having heard |
| सुर | देवता | the gods |
| मुसकाने | मुसकराए | smiled |
| निज | अपनी | their own |
| निज | अपनी | respective |
| सेन | सेना; साथियों का दल | company of attendants |
| सहित | के साथ | with |
| बिलगाने | अलग हो गए | moved apart |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.93
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 106
- सहायक विषय
- देवताओंका शिवजीसे ब्याहके लिये प्रार्थना करना, सप्तर्षियोंका पार्वतीके पास जाना
- मुद्रित पृष्ठ
- 106, 107
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।