बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
बरनब राम बिबाह समाजू। सो मुद मंगलमय रितुराजू।।
मूल पाठ
बरनब राम बिबाह समाजू। सो मुद मंगलमय रितुराजू।।
ग्रीषम दुसह राम बनगवनू। पंथकथा खर आतप पवनू।।
स्रोत अभिलेख 1.42 · पुस्तक पृ. 64, 65
भावार्थ
मूल पाठ के बादश्रीरामचन्द्रजीके विवाह-समाजका वर्णन ही आनन्द-मङ्गलमय ऋतुराज वसंत है। श्रीरामजीका वनगमन दु:सह ग्रीष्म-ऋतु है और मार्गकी कथा ही कड़ी धूप और लू है॥ २॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 64 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
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1 बरनब राम बिबाह समाजू। सो मुद मंगलमय रितुराजू।।
English explanation
The description of Rama’s wedding festivities is spring, the king of seasons, filled with joy and auspiciousness.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| बरनब | वर्णन करना; वर्णन | describing; description |
| राम | भगवान राम का | of Lord Rama |
| बिबाह | विवाह | wedding |
| समाजू | समारोह; उत्सव का आयोजन | festive gathering; celebration |
| सो | वह | that |
| मुद | आनंद | joy |
| मंगलमय | मंगल से भरपूर | filled with auspiciousness |
| रितुराजू | ऋतुओं का राजा वसंत | spring, king of seasons |
2 ग्रीषम दुसह राम बनगवनू। पंथकथा खर आतप पवनू।।
English explanation
Rama’s unbearable departure for the forest is summer; the account of the journey is its fierce sunshine and hot wind.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| ग्रीषम | ग्रीष्म ऋतु | summer |
| दुसह | सहना कठिन; असह्य | hard to endure; unbearable |
| राम | भगवान राम का | of Lord Rama |
| बनगवनू | वन को जाना | departure for the forest |
| पंथकथा | मार्ग की कथा | account of the journey |
| खर | तीखी; प्रचंड | fierce; intense |
| आतप | धूप; सूर्य का ताप | sunshine; solar heat |
| पवनू | हवा | wind |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.42
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 64
- सहायक विषय
- मानसका रूप और माहात्म्य
- मुद्रित पृष्ठ
- 64, 65
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