बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
कीरति सरित छहूँ रितु रूरी। समय सुहावनि पावनि भूरी।।
मूल पाठ
कीरति सरित छहूँ रितु रूरी। समय सुहावनि पावनि भूरी।।
हिम हिमसैलसुता सिव ब्याहू। सिसिर सुखद प्रभु जनम उछाहू।।
स्रोत अभिलेख 1.42 · पुस्तक पृ. 64, 65
भावार्थ
मूल पाठ के बादयह कीॢतरूपिणी नदी छहों ऋतुओंमें सुन्दर है। सभी समय यह परम सुहावनी और अत्यन्त पवित्र है। इसमें शिव-पार्वतीका विवाह हेमन्त ऋतु है। श्रीरामचन्द्रजीके जन्मका उत्सव सुखदायी शिशिर ऋतु है॥ १॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 64 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
1 कीरति सरित छहूँ रितु रूरी। समय सुहावनि पावनि भूरी।।
English explanation
AI interpretation draft: This river of glory is beautiful in all six seasons, lovely at every time and deeply purifying.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| कीरति | कीर्ति; यश | glory; renown |
| सरित | नदी | river |
| छहूँ | सभी छह | all six |
| रितु | ऋतुओं में | in the seasons |
| रूरी | सुंदर | beautiful |
| समय | हर समय; ऋतु के अनुसार | at each time; according to the season |
| सुहावनि | मनोहर | lovely |
| पावनि | पवित्र करने वाली | purifying |
| भूरी | अत्यंत; बहुत | greatly; exceedingly |
2 हिम हिमसैलसुता सिव ब्याहू। सिसिर सुखद प्रभु जनम उछाहू।।
English explanation
The wedding of Parvati and Shiva is the early-winter season; the joyful celebration of Lord Rama’s birth is the pleasant late-winter season.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| हिम | हेमंत ऋतु | the early-winter season |
| हिमसैलसुता | हिमालय की पुत्री पार्वती | Parvati, daughter of the Himalaya |
| सिव | भगवान शिव | Lord Shiva |
| ब्याहू | विवाह | wedding |
| सिसिर | शिशिर ऋतु | the late-winter season |
| सुखद | सुख देने वाला | giving joy |
| प्रभु | प्रभु राम का | of Lord Rama |
| जनम | जन्म | birth |
| उछाहू | आनंदोत्सव | joyful celebration |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.42
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 64
- सहायक विषय
- मानसका रूप और माहात्म्य
- मुद्रित पृष्ठ
- 64, 65
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।