बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
बंधु मनोहर सोहहिं संगा। जात नचावत चपल तुरंगा।।
मूल पाठ
बंधु मनोहर सोहहिं संगा। जात नचावत चपल तुरंगा।।
राजकुअँर बर बाजि देखावहिं। बंस प्रसंसक बिरिद सुनावहिं।।
स्रोत अभिलेख 1.316 · पुस्तक पृ. 296, 297
भावार्थ
मूल पाठ के बादसाथमें मनोहर भाई शोभित हैं, जो चञ्चल घोड़ोंको नचाते हुए चले जा रहे हैं। राजकुमार श्रेष्ठ घोड़ोंको (उनकी चालको) दिखला रहे हैं और वंशकी प्रशंसा करनेवाले (मागध-भाट) विरुदावली सुना रहे हैं॥ ३॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 297 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
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1 बंधु मनोहर सोहहिं संगा। जात नचावत चपल तुरंगा।।
English explanation
His handsome brothers look splendid beside him, proceeding while making their spirited horses prance.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| बंधु | भाई | brothers |
| मनोहर | मन को मोहने वाले | handsome and charming |
| सोहहिं | शोभित हैं | look splendid |
| संगा | साथ में | alongside him |
| जात | जा रहे हैं | are proceeding |
| नचावत | नचाते हुए | making prance |
| चपल | चंचल | spirited |
| तुरंगा | घोड़ों को | horses |
2 राजकुअँर बर बाजि देखावहिं। बंस प्रसंसक बिरिद सुनावहिं।।
English explanation
The princes display their fine horses’ skills, while the dynasty’s panegyrists recite its praises.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| राजकुअँर | राजकुमार | princes |
| बर | उत्तम | excellent |
| बाजि | घोड़े | horses |
| देखावहिं | कौशल दिखाते हैं | show off their skills |
| बंस | वंश के | of the dynasty |
| प्रसंसक | प्रशंसा करने वाले | panegyrists |
| बिरिद | यशोगान | praises of renown |
| सुनावहिं | सुनाते हैं | recite |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.316
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 297
- सहायक विषय
- बारातका जनकपुरमें आना और स्वागतादि
- मुद्रित पृष्ठ
- 296, 297
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।