बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
बंदउ गुरु पद पदुम परागा। सुरुचि सुबास सरस अनुरागा।।
मूल पाठ
बंदउ गुरु पद पदुम परागा। सुरुचि सुबास सरस अनुरागा।।
अमिय मूरिमय चूरन चारू। समन सकल भव रुज परिवारू।।
स्रोत अभिलेख 1.1 · पुस्तक पृ. 19, 20
भावार्थ
मूल पाठ के बादमैं गुरु महाराजके चरणकमलोंकी रजकी वन्दना करता हूँ, जो सुरुचि(सुन्दर स्वाद), सुगन्ध तथा अनुरागरूपी रससे पूर्ण है। वह अमर मूल (सञ्जीवनी जड़ी)का सुन्दर चूर्ण है, जो सम्पूर्ण भवरोगोंके परिवारको नाश करनेवाला है॥ १॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 19 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
1बंदउ गुरु पद पदुम परागा। सुरुचि सुबास सरस अनुरागा।।
English explanation
I bow to the dust of my teacher’s lotus feet, filled with delight, sweet fragrance, sweetness, and love.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| बंदउ | मैं वंदना करता हूँ | I bow to |
| गुरु | गुरु | the teacher |
| पद | चरण | feet |
| पदुम | कमल | lotus |
| परागा | पराग / धूल | pollen / dust |
| सुरुचि | सुंदर रुचि | lovely delight |
| सुबास | सुंदर सुगंध | sweet fragrance |
| सरस | रसपूर्ण | full of sweetness |
| अनुरागा | प्रेम | loving devotion |
2 अमिय मूरिमय चूरन चारू। समन सकल भव रुज परिवारू।।
English explanation
This dust is like a beautiful powder made from a nectar-like healing root, removing the entire family of afflictions of worldly existence.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| अमिय | अमृत | nectar |
| मूरिमय | जड़ी से बना | made from a healing root |
| चूरन | चूर्ण | powder |
| चारू | सुंदर | beautiful |
| समन | दूर करने वाला | removing |
| सकल | समस्त | all |
| भव | संसार / जन्म-मरण | worldly existence / rebirth |
| रुज | रोग | illnesses |
| परिवारू | समूह | the whole family |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.1
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 19
- सहायक विषय
- गुरु-वन्दना
- मुद्रित पृष्ठ
- 19, 20
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।