बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
बंदउँ लछिमन पद जलजाता। सीतल सुभग भगत सुख दाता।।
भावार्थ
पहले अर्थ, फिर शब्दमैं श्रीलक्ष्मणजीके चरणकमलोंको प्रणाम करता हूँ, जो शीतल, सुन्दर और भक्तोंको सुख देनेवाले हैं। श्रीरघुनाथजीकी कीॢतरूपी विमल पताकामें जिनका (लक्ष्मणजीका) यश [पताकाको ऊँचा करके फहरानेवाले] दंडके समान हुआ॥ ३॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 39 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
मूल पाठ
बंदउँ लछिमन पद जलजाता। सीतल सुभग भगत सुख दाता।।
रघुपति कीरति बिमल पताका। दंड समान भयउ जस जाका।।
स्रोत अभिलेख 1.17 · पुस्तक पृ. 39, 40
शब्द-दर-शब्द अर्थ
AI शब्दार्थनीचे के शब्दार्थ AI प्रारूप हैं; विद्वान-समीक्षा बाकी है। ऊपर का भावार्थ PDF संस्करण से है।अर्थ कैसे बने, इसकी प्रक्रिया स्रोत पृष्ठ पर पढ़ें।
1 बंदउँ लछिमन पद जलजाता। सीतल सुभग भगत सुख दाता।।
English explanation
I revere Lakshmana’s lotus feet, soothing and beautiful, which bestow happiness on devotees.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| बंदउँ | मैं वंदना करता हूँ | I revere |
| लछिमन | राम के भाई लक्ष्मण के | of Lakshmana, Rama’s brother |
| पद | चरण | feet |
| जलजाता | कमल | lotuses |
| सीतल | शीतल, शांतिदायक | cool and soothing |
| सुभग | सुंदर | beautiful |
| भगत | भक्तों को | to devotees |
| सुख | सुख | happiness |
| दाता | देने वाले | bestowing |
2 रघुपति कीरति बिमल पताका। दंड समान भयउ जस जाका।।
English explanation
His fame became like the pole supporting the spotless banner of Rama’s glory.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| रघुपति | रघुवंश के स्वामी राम की | of Rama, lord of Raghu’s lineage |
| कीरति | कीर्ति | glory |
| बिमल | निर्मल | spotless |
| पताका | ध्वजा | banner |
| दंड | ध्वजदंड | flagstaff |
| समान | के समान | like |
| भयउ | हो गया | became |
| जस | यश | fame |
| जाका | जिनका | whose |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.17
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 39
- सहायक विषय
- श्रीसीताराम-धाम-परिकर-वन्दना
- मुद्रित पृष्ठ
- 39, 40
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।