बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
फिरि चितवा पाछें प्रभु देखा। सहित बंधु सिय सुंदर वेषा।।
मूल पाठ
फिरि चितवा पाछें प्रभु देखा। सहित बंधु सिय सुंदर वेषा।।
जहँ चितवहिं तहँ प्रभु आसीना। सेवहिं सिद्ध मुनीस प्रबीना।।
स्रोत अभिलेख 1.54 · पुस्तक पृ. 75, 75
भावार्थ
मूल पाठ के बाद[तब उन्होंने] पीछेकी ओर फिरकर देखा, तो वहाँ भी भाई लक्ष्मणजी और सीताजीके साथ श्रीरामचन्द्रजी सुन्दर वेषमें दिखायी दिये। वे जिधर देखती हैं, उधर ही प्रभु श्रीरामचन्द्रजी विराजमान हैं और सुचतुर सिद्ध मुनीश्वर उनकी सेवा कर रहे हैं॥ ३॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 75 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
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1 फिरि चितवा पाछें प्रभु देखा। सहित बंधु सिय सुंदर वेषा।।
English explanation
Then she looked back and saw Lord Rama in beautiful attire, with his brother Lakshmana and Sita.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| फिरि | फिर; मुड़कर | then; turning back |
| चितवा | नज़र डाली | looked |
| पाछें | पीछे | behind |
| प्रभु | प्रभु राम | Lord Rama |
| देखा | देखा | saw |
| सहित | साथ | with |
| बंधु | भाई लक्ष्मण | his brother Lakshmana |
| सिय | सीता | Sita |
| सुंदर | सुंदर | beautiful |
| वेषा | वेश में | in attire |
2 जहँ चितवहिं तहँ प्रभु आसीना। सेवहिं सिद्ध मुनीस प्रबीना।।
English explanation
Wherever Sati looked, the Lord was seated, attended by perfected beings and accomplished great sages.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| जहँ | जहाँ | wherever |
| चितवहिं | वे देखतीं | she looked |
| तहँ | वहाँ | there |
| प्रभु | प्रभु राम | Lord Rama |
| आसीना | बैठे; विराजमान | seated |
| सेवहिं | सेवा करते हैं | attend; serve |
| सिद्ध | सिद्ध पुरुष | perfected beings |
| मुनीस | श्रेष्ठ मुनि | great sages |
| प्रबीना | प्रवीण; निपुण | accomplished |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.54
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 75
- सहायक विषय
- सतीका भ्रम, श्रीरामजीका ऐश्वर्य और सतीका खेद
- मुद्रित पृष्ठ
- 75, 75
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