बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
प्रात कहा मुनि सन रघुराई। निर्भय जग्य करहु तुम्ह जाई।।
मूल पाठ
प्रात कहा मुनि सन रघुराई। निर्भय जग्य करहु तुम्ह जाई।।
होम करन लागे मुनि झारी। आपु रहे मख कीं रखवारी।।
स्रोत अभिलेख 1.21 · पुस्तक पृ. 208, 209
भावार्थ
मूल पाठ के बादसबेरे श्रीरघुनाथजीने मुनिसे कहा—आप जाकर निडर होकर यज्ञ कीजिये। यह सुनकर सब मुनि हवन करने लगे। आप (श्रीरामजी) यज्ञकी रखवालीपर रहे॥ १॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 208 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
AI शब्दार्थनीचे के शब्दार्थ AI प्रारूप हैं; विद्वान-समीक्षा बाकी है। ऊपर का भावार्थ PDF संस्करण से है।अर्थ कैसे बने, इसकी प्रक्रिया स्रोत पृष्ठ पर पढ़ें।
1 प्रात कहा मुनि सन रघुराई। निर्भय जग्य करहु तुम्ह जाई।।
English explanation
AI draft translation: In the morning, Rama said to the sage, ‘Go and perform the sacrifice without fear.’
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| प्रात | सुबह | in the morning |
| कहा | कहा | said |
| मुनि | विश्वामित्र मुनि | the sage Vishvamitra |
| सन | से | to |
| रघुराई | रघुवंश के स्वामी राम | Rama, lord of Raghu’s lineage |
| निर्भय | बिना भय के | without fear |
| जग्य | यज्ञ | the sacrifice |
| करहु | कीजिए | perform |
| तुम्ह | आप | you |
| जाई | जाकर | having gone |
2 होम करन लागे मुनि झारी। आपु रहे मख कीं रखवारी।।
English explanation
All the sages began offering oblations; Rama himself remained guarding the sacrifice.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| होम | हवन | fire oblations |
| करन | करने | to perform |
| लागे | लगे | began |
| मुनि | मुनि | the sages |
| झारी | सभी | all |
| आपु | स्वयं राम | Rama himself |
| रहे | रहे | remained |
| मख | यज्ञ | the sacrifice |
| कीं | की | performed |
| रखवारी | रखवाली | guarding |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.21
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 208
- सहायक विषय
- विश्वामित्र-यज्ञकी रक्षा
- मुद्रित पृष्ठ
- 208, 209
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।