बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
प्रमुदित मुनिन्ह भावँरी फेरी। नेगसहित सब रीति निबेरीं।।
मूल पाठ
प्रमुदित मुनिन्ह भावँरी फेरी। नेगसहित सब रीति निबेरीं।।
राम सीय सिर सेंदुर देहीं। सोभा कहि न जाति बिधि केहीं।।
स्रोत अभिलेख 1.325 · पुस्तक पृ. 307, 308
भावार्थ
मूल पाठ के बादमुनियोंने आनन्दपूर्वक भाँवरें फिरायीं और नेगसहित सब रीतियोंको पूरा किया। श्रीरामचन्द्रजी सीताजीके सिरमें सिंदूर दे रहे हैं; यह शोभा किसी प्रकार भी कही नहीं जाती॥ ४॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 308 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
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1 प्रमुदित मुनिन्ह भावँरी फेरी। नेगसहित सब रीति निबेरीं।।
English explanation
The delighted sages conducted the wedding rounds and completed all the customs, including customary gifts.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| प्रमुदित | अत्यंत प्रसन्न | delighted |
| मुनिन्ह | मुनियों ने | the sages |
| भावँरी | विवाह की परिक्रमा | wedding circumambulations |
| फेरी | कराई; संपन्न कराई | conducted |
| नेगसहित | नेग के साथ | with customary gifts |
| सब | सभी | all |
| रीति | रीतियाँ | customs |
| निबेरीं | पूरी कीं | completed |
2 राम सीय सिर सेंदुर देहीं। सोभा कहि न जाति बिधि केहीं।।
English explanation
Rama applies vermilion to Sita’s head; this beauty cannot be expressed in any way.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| राम | राम | Rama |
| सीय | सीता के | Sita’s |
| सिर | सिर पर | on the head |
| सेंदुर | सिंदूर | vermilion |
| देहीं | लगा रहे हैं | is applying |
| सोभा | शोभा; सुंदरता | beauty |
| कहि | कही | expressed |
| न | नहीं | not |
| जाति | जा सकती | can be |
| बिधि | विधि; प्रकार से | way |
| केहीं | किसी भी | any |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.325
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 308
- सहायक विषय
- श्रीसीता-राम-विवाह
- मुद्रित पृष्ठ
- 307, 308
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।