बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
प्रगटेउ जहँ रघुपति ससि चारू। बिस्व सुखद खल कमल तुसारू।।
भावार्थ
पहले अर्थ, फिर शब्दजहाँ (कौसल्यारूपी पूर्व दिशा) से विश्वको सुख देनेवाले और दुष्टरूपी कमलोंके लिये पालेके समान श्रीरामचन्द्रजीरूपी सुन्दर चन्द्रमा प्रकट हुए। सब रानियोंसहित राजा दशरथजीको पुण्य और सुन्दर कल्याणकी मूॢत मानकर मैं मन, वचन और कर्मसे प्रणाम करता हूँ। अपने पुत्रका सेवक जानकर वे मुझपर कृपा करें, जिनको रचकर ब्रह्माजीने भी बड़ाई पायी तथा जो श्रीरामजीके माता और पिता होनेके कारण महिमाकी सीमा हैं॥ ३-४॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 38 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
मूल पाठ
प्रगटेउ जहँ रघुपति ससि चारू। बिस्व सुखद खल कमल तुसारू।।
दसरथ राउ सहित सब रानी। सुकृत सुमंगल मूरति मानी।।
करउँ प्रनाम करम मन बानी। करहु कृपा सुत सेवक जानी।।
जिन्हहि बिरचि बड़ भयउ बिधाता। महिमा अवधि राम पितु माता।।
स्रोत अभिलेख 1.16 · पुस्तक पृ. 38, 39
शब्द-दर-शब्द अर्थ
1 प्रगटेउ जहँ रघुपति ससि चारू। बिस्व सुखद खल कमल तुसारू।।
English explanation
There appeared Rama, lord of the Raghu lineage, as a beautiful moon: bringing joy to the world and acting like frost upon the lotus-like wicked.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| प्रगटेउ | प्रकट हुए | appeared |
| जहँ | जहाँ | where |
| रघुपति | रघुवंश के स्वामी राम | Rama, lord of the Raghu lineage |
| ससि | चंद्रमा | moon |
| चारू | सुंदर | beautiful |
| बिस्व | संसार को | to the world |
| सुखद | सुख देने वाले | bringing joy |
| खल | दुष्ट रूप | the wicked, figured as |
| कमल | कमलों के लिए | lotuses |
| तुसारू | पाले के समान | like frost |
2 दसरथ राउ सहित सब रानी। सुकृत सुमंगल मूरति मानी।।
English explanation
Regarding King Dasharatha, together with all his queens, as embodiments of merit and auspiciousness—
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| दसरथ | राम के पिता दशरथ | Dasharatha, Rama’s father |
| राउ | राजा | king |
| सहित | साथ | together with |
| सब | सभी | all |
| रानी | रानियों के | his queens |
| सुकृत | पुण्य के | of merit |
| सुमंगल | शुभ मंगल के | of auspiciousness |
| मूरति | साकार रूप | embodiments |
| मानी | मानकर | regarding as |
3 करउँ प्रनाम करम मन बानी। करहु कृपा सुत सेवक जानी।।
English explanation
I bow through deed, mind, and speech. Please show me grace, regarding me as your child and servant.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| करउँ | मैं करता हूँ | I offer |
| प्रनाम | प्रणाम | homage |
| करम | कर्म से | through deed |
| मन | मन से | through mind |
| बानी | वाणी से | through speech |
| करहु | कीजिए | please bestow |
| कृपा | कृपा | grace |
| सुत | पुत्र | your child |
| सेवक | सेवक | servant |
| जानी | मुझे समझकर | regarding me as |
4 जिन्हहि बिरचि बड़ भयउ बिधाता। महिमा अवधि राम पितु माता।।
English explanation
By creating them, the Creator himself became great: Rama’s father and mothers are the utmost limit of glory.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| जिन्हहि | जिन्हें | whom |
| बिरचि | रचकर | having created |
| बड़ | महान | great |
| भयउ | हुआ | became |
| बिधाता | सृष्टिकर्ता ब्रह्मा | Brahma, the Creator |
| महिमा | महिमा की | of glory |
| अवधि | पराकाष्ठा | the utmost limit |
| राम | राम के | Rama’s |
| पितु | पिता | father |
| माता | माताएँ | mothers |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.16
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 38
- सहायक विषय
- श्रीसीताराम-धाम-परिकर-वन्दना
- मुद्रित पृष्ठ
- 38, 39
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।