बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
पुर रम्यता राम जब देखी। हरषे अनुज समेत बिसेषी।।
मूल पाठ
पुर रम्यता राम जब देखी। हरषे अनुज समेत बिसेषी।।
बापीं कूप सरित सर नाना। सलिल सुधासम मनि सोपाना।।
स्रोत अभिलेख 1.212 · पुस्तक पृ. 210, 211
भावार्थ
मूल पाठ के बादश्रीरामजीने जब जनकपुरकी शोभा देखी, तब वे छोटे भाई लक्ष्मणसहित अत्यन्त हॢषत हुए। वहाँ अनेकों बावलियाँ, कुएँ, नदी और तालाब हैं, जिनमें अमृतके समान जल है और मणियोंकी सीढिय़ाँ [बनी हुई] हैं॥ ३॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 211 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
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1 पुर रम्यता राम जब देखी। हरषे अनुज समेत बिसेषी।।
English explanation
When Rama saw the beauty of the city, he and his younger brother were greatly delighted.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| पुर | नगर की | of the city |
| रम्यता | सुंदरता | beauty |
| राम | राम ने | Rama |
| जब | जब | when |
| देखी | देखी | saw |
| हरषे | प्रसन्न हुए | were delighted |
| अनुज | छोटे भाई लक्ष्मण | his younger brother Lakshmana |
| समेत | सहित | together with |
| बिसेषी | अत्यंत | greatly |
2 बापीं कूप सरित सर नाना। सलिल सुधासम मनि सोपाना।।
English explanation
There were many stepwells, wells, rivers, and lakes; their water was like nectar, and their steps were made of gems.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| बापीं | बावड़ियाँ | stepwells |
| कूप | कुएँ | wells |
| सरित | नदियाँ | rivers |
| सर | सरोवर | lakes |
| नाना | अनेक | many |
| सलिल | जल | water |
| सुधासम | अमृत के समान | like nectar |
| मनि | मणियों के | of gems |
| सोपाना | सीढ़ियाँ | steps |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.212
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 211
- सहायक विषय
- अहल्या-उद्धार
- मुद्रित पृष्ठ
- 210, 211
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