बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
पुनि बसिष्टु मुनि कौसिक आए। सुभग आसनन्हि मुनि बैठाए।।
मूल पाठ
पुनि बसिष्टु मुनि कौसिक आए। सुभग आसनन्हि मुनि बैठाए।।
सुतन्ह समेत पूजि पद लागे। निरखि रामु दोउ गुर अनुरागे।।
स्रोत अभिलेख 1.359 · पुस्तक पृ. 338, 339
भावार्थ
मूल पाठ के बादफिर मुनि वसिष्ठजी और विश्वामित्रजी आये। राजाने उनको सुन्दर आसनोंपर बैठाया और पुत्रों- समेत उनकी पूजा करके उनके चरणों लगे। दोनों गुरु श्रीरामजीको देखकर प्रेममें मुग्ध हो गये॥ २॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 338 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
1 पुनि बसिष्टु मुनि कौसिक आए। सुभग आसनन्हि मुनि बैठाए।।
English explanation
Then Vashishtha and the sage Vishvamitra arrived. The king seated the sages on beautiful seats.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| पुनि | फिर | then |
| बसिष्टु | ऋषि वसिष्ठ | the sage Vashishtha |
| मुनि | मुनि | the sage |
| कौसिक | कुशिक-वंशज विश्वामित्र | Vishvamitra, descendant of Kushika |
| आए | आए | arrived |
| सुभग | सुंदर | beautiful |
| आसनन्हि | आसनों पर | on seats |
| मुनि | मुनियों को | the sages |
| बैठाए | बैठाया | seated |
2 सुतन्ह समेत पूजि पद लागे। निरखि रामु दोउ गुर अनुरागे।।
English explanation
Together with his sons, the king honored the sages and bowed at their feet. Seeing Rama, both teachers were filled with affection.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| सुतन्ह | पुत्रों के | his sons |
| समेत | साथ | together with |
| पूजि | पूजा करके | having honored |
| पद | चरणों में | at their feet |
| लागे | प्रणाम किया | bowed |
| निरखि | देखकर | seeing |
| रामु | राम को | Rama |
| दोउ | दोनों | both |
| गुर | गुरु | teachers |
| अनुरागे | प्रेम से भर गए | were filled with affection |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.359
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 338
- सहायक विषय
- बारातका अयोध्या लौटना और अयोध्यामें आनन्द
- मुद्रित पृष्ठ
- 338, 339
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।