बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
पुनि बंदउँ सारद सुरसरिता। जुगल पुनीत मनोहर चरिता।।
मूल पाठ
पुनि बंदउँ सारद सुरसरिता। जुगल पुनीत मनोहर चरिता।।
मज्जन पान पाप हर एका। कहत सुनत एक हर अबिबेका।।
स्रोत अभिलेख 1.15 · पुस्तक पृ. 37, 38
भावार्थ
मूल पाठ के बादफिर मैं सरस्वतीजी और देवनदी गङ्गाजीकी वन्दना करता हूँ। दोनों पवित्र और मनोहर चरित्रवाली हैं। एक (गङ्गाजी) स्नान करने और जल पीनेसे पापोंको हरती हैं और दूसरी (सरस्वतीजी) गुण और यश कहने और सुननेसे अज्ञानका नाश कर देती हैं॥ १॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 37 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
1 पुनि बंदउँ सारद सुरसरिता। जुगल पुनीत मनोहर चरिता।।
English explanation
AI draft: Next I bow to Saraswati and the Ganges; the deeds and nature of both are pure and enchanting.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| पुनि | फिर | next |
| बंदउँ | मैं वंदना करता हूँ | I bow to |
| सारद | विद्या और वाणी की देवी सरस्वती | Saraswati, goddess of learning and speech |
| सुरसरिता | देवनदी गंगा | the divine river Ganges |
| जुगल | दोनों | both |
| पुनीत | पवित्र | pure |
| मनोहर | मन को आकर्षित करने वाले | enchanting |
| चरिता | चरित्र और कार्य | nature and deeds |
2 मज्जन पान पाप हर एका। कहत सुनत एक हर अबिबेका।।
English explanation
One, the Ganges, removes sins through bathing and drinking her water; the other, Saraswati, removes lack of discernment through speaking and listening.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| मज्जन | स्नान करने से | through bathing |
| पान | जल पीने से | through drinking the water |
| पाप | पाप | sins |
| हर | हरती हैं | removes |
| एका | एक, अर्थात गंगा | one, namely the Ganges |
| कहत | कहने से | through speaking |
| सुनत | सुनने से | through listening |
| एक | दूसरी, अर्थात सरस्वती | the other, namely Saraswati |
| हर | हरती हैं | removes |
| अबिबेका | अविवेक | lack of discernment |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.15
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 37
- सहायक विषय
- वाल्मीकि, वेद, ब्रह्मा, देवता, शिव, पार्वती आदिकी वन्दना
- मुद्रित पृष्ठ
- 37, 38
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।