बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
पीत बसन परिकर कटि भाथा। चारु चाप सर सोहत हाथा।।
मूल पाठ
पीत बसन परिकर कटि भाथा। चारु चाप सर सोहत हाथा।।
तन अनुहरत सुचंदन खोरी। स्यामल गौर मनोहर जोरी।।
स्रोत अभिलेख 1.219 · पुस्तक पृ. 216, 217
भावार्थ
मूल पाठ के बाद[दोनों भाइयोंके] पीले रंगके वस्त्र हैं, कमरके [पीले] दुपट्टोंमें तरकस बँधे हैं। हाथोंमें सुन्दर धनुष- बाण सुशोभित हैं। [श्याम और गौर वर्णके] शरीरोंके अनुकूल (अर्थात् जिसपर जिस रंगका चन्दन अधिक फबे उसपर उसी रंगके) सुन्दर चन्दनकी खौर लगी है। साँवरे और गोरे [रंग] की मनोहर जोड़ी है॥ २॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 216 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
1 पीत बसन परिकर कटि भाथा। चारु चाप सर सोहत हाथा।।
English explanation
Their yellow garments were secured at the waist, with quivers at their sides; beautiful bows and arrows graced their hands.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| पीत | पीले | yellow |
| बसन | वस्त्र | garments |
| परिकर | कसे हुए; कमर का बंध | secured; waist fastening |
| कटि | कमर पर | at the waist |
| भाथा | तरकश | quiver |
| चारु | सुंदर | beautiful |
| चाप | धनुष | bows |
| सर | बाण | arrows |
| सोहत | शोभित होते हैं | shine beautifully |
| हाथा | हाथों में | in their hands |
2 तन अनुहरत सुचंदन खोरी। स्यामल गौर मनोहर जोरी।।
English explanation
Lovely sandalwood markings suited their bodies; dark-complexioned Rama and fair Lakshmana formed a charming pair.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| तन | शरीर के | their bodies |
| अनुहरत | अनुरूप शोभित | suiting; harmonizing with |
| सुचंदन | सुंदर चंदन की | of lovely sandalwood paste |
| खोरी | रेखाएँ; तिलक की धारियाँ | markings; streaks |
| स्यामल | श्याम वर्ण वाले राम | dark-complexioned Rama |
| गौर | गौर वर्ण वाले लक्ष्मण | fair-complexioned Lakshmana |
| मनोहर | मन को मोहने वाली | charming |
| जोरी | जोड़ी | pair |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.219
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 216
- सहायक विषय
- श्रीराम-लक्ष्मणका जनकपुर-निरीक्षण
- मुद्रित पृष्ठ
- 216, 217
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।