बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
पिता भवन जब गई भवानी। दच्छ त्रास काहुँ न सनमानी।।
भावार्थ
पहले अर्थ, फिर शब्दभवानी जब पिता (दक्ष) के घर पहुँचीं, तब दक्षके डरके मारे किसीने उनकी आवभगत नहीं की, केवल एक माता भले ही आदरसे मिली। बहिनें बहुत मुसकराती हुई मिलीं॥ १॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 82 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
मूल पाठ
पिता भवन जब गई भवानी। दच्छ त्रास काहुँ न सनमानी।।
सादर भलेहिं मिली एक माता। भगिनीं मिलीं बहुत मुसुकाता।।
स्रोत अभिलेख 1.63 · पुस्तक पृ. 82, 83
शब्द-दर-शब्द अर्थ
AI शब्दार्थनीचे के शब्दार्थ AI प्रारूप हैं; विद्वान-समीक्षा बाकी है। ऊपर का भावार्थ PDF संस्करण से है।अर्थ कैसे बने, इसकी प्रक्रिया स्रोत पृष्ठ पर पढ़ें।
1 पिता भवन जब गई भवानी। दच्छ त्रास काहुँ न सनमानी।।
English explanation
AI-generated explanatory draft: When Bhavani went to her father's house, no one honored her, for fear of Daksha.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| पिता | पिता के | her father's |
| भवन | भवन में | to the house |
| जब | जब | when |
| गई | गईं | went |
| भवानी | भवानी, यहाँ शिव की पत्नी सती | Bhavani, here Sati, Shiva's wife |
| दच्छ | दक्ष के | of Daksha, Sati's father |
| त्रास | भय से | out of fear |
| काहुँ | किसी ने | anyone |
| न | नहीं | not |
| सनमानी | सम्मान किया | honored her |
2 सादर भलेहिं मिली एक माता। भगिनीं मिलीं बहुत मुसुकाता।।
English explanation
Only her mother greeted her warmly and respectfully; her sisters met her with much smiling.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| सादर | आदर सहित | respectfully |
| भलेहिं | भली तरह, स्नेहपूर्वक | warmly; kindly |
| मिली | मिलीं | greeted her |
| एक | केवल | only |
| माता | माता | her mother |
| भगिनीं | बहनें | her sisters |
| मिलीं | मिलीं | met her |
| बहुत | बहुत | much |
| मुसुकाता | मुसकराती हुई | smiling |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.63
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 82
- सहायक विषय
- सतीका दक्ष-यज्ञमें जाना
- मुद्रित पृष्ठ
- 82, 83
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।