बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
पावक सर सुबाहु पुनि मारा। अनुज निसाचर कटकु सँघारा।।
मूल पाठ
पावक सर सुबाहु पुनि मारा। अनुज निसाचर कटकु सँघारा।।
मारि असुर द्विज निर्मयकारी। अस्तुति करहिं देव मुनि झारी।।
स्रोत अभिलेख 1.21 · पुस्तक पृ. 208, 209
भावार्थ
मूल पाठ के बादफिर सुबाहुको अग्निबाण मारा। इधर छोटे भाई लक्ष्मणजीने राक्षसोंकी सेनाका संहार कर डाला। इस प्रकार श्रीरामजीने राक्षसोंको मारकर ब्राह्मणोंको निर्भय कर दिया। तब सारे देवता और मुनि स्तुति करने लगे॥ ३॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 208 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
1 पावक सर सुबाहु पुनि मारा। अनुज निसाचर कटकु सँघारा।।
English explanation
Then Rama killed Subahu with a fiery arrow, and his younger brother Lakshmana destroyed the demon army.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| पावक | अग्नि; अग्निमय | fire; fiery |
| सर | बाण | arrow |
| सुबाहु | सुबाहु राक्षस को | Subahu, the demon |
| पुनि | फिर | then |
| मारा | मार डाला | killed |
| अनुज | छोटे भाई लक्ष्मण ने | the younger brother, Lakshmana |
| निसाचर | राक्षसों की | of the demons |
| कटकु | सेना | army |
| सँघारा | संहार किया | destroyed |
2 मारि असुर द्विज निर्मयकारी। अस्तुति करहिं देव मुनि झारी।।
English explanation
By killing the demons, Rama freed the brahmins from fear; all the gods and sages praised him. (The reading ‘निर्मयकारी’ is uncertain.)
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| मारि | मारकर | having killed |
| असुर | असुरों को | the demons |
| द्विज | ब्राह्मणों को | the brahmins |
| निर्मयकारी | निर्भय करने वाले | making fearless |
| अस्तुति | स्तुति | praise |
| करहिं | करते हैं | offer |
| देव | देवता | gods |
| मुनि | मुनि | sages |
| झारी | सभी | all |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.21
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 208
- सहायक विषय
- विश्वामित्र-यज्ञकी रक्षा
- मुद्रित पृष्ठ
- 208, 209
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।