बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
पहुँचे दूत राम पुर पावन। हरषे नगर बिलोकि सुहावन।।
मूल पाठ
पहुँचे दूत राम पुर पावन। हरषे नगर बिलोकि सुहावन।।
भूप द्वार तिन्ह खबरि जनाई। दसरथ नृप सुनि लिए बोलाई।।
स्रोत अभिलेख 1.29 · पुस्तक पृ. 275, 276
भावार्थ
मूल पाठ के बादजनकजीके दूत श्रीरामचन्द्रजीकी पवित्र पुरी अयोध्यामें पहुँचे। सुन्दर नगर देखकर वे हॢषत हुए। राजद्वारपर जाकर उन्होंने खबर भेजी; राजा दशरथजीने सुनकर उन्हें बुला लिया॥ १॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 275 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
AI शब्दार्थनीचे के शब्दार्थ AI प्रारूप हैं; विद्वान-समीक्षा बाकी है। ऊपर का भावार्थ PDF संस्करण से है।अर्थ कैसे बने, इसकी प्रक्रिया स्रोत पृष्ठ पर पढ़ें।
1 पहुँचे दूत राम पुर पावन। हरषे नगर बिलोकि सुहावन।।
English explanation
The messengers reached Ayodhya, Rama’s sacred city, and rejoiced to see its beauty.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| पहुँचे | पहुँच गए | arrived |
| दूत | संदेशवाहक | messengers |
| राम | श्रीराम की | of Rama |
| पुर | नगरी, अयोध्या | city, Ayodhya |
| पावन | पवित्र | sacred |
| हरषे | प्रसन्न हुए | rejoiced |
| नगर | नगर को | the city |
| बिलोकि | देखकर | having seen |
| सुहावन | सुंदर | beautiful |
2 भूप द्वार तिन्ह खबरि जनाई। दसरथ नृप सुनि लिए बोलाई।।
English explanation
They announced their arrival at the king’s gate. Hearing this, King Dasharatha summoned them.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| भूप | राजा के | the king’s |
| द्वार | द्वार पर | at the gate |
| तिन्ह | उन्होंने, उन दूतों ने | they, the messengers |
| खबरि | खबर | news of their arrival |
| जनाई | बताई | announced |
| दसरथ | दशरथ, राम के पिता | Dasharatha, Rama’s father |
| नृप | राजा | king |
| सुनि | सुनकर | on hearing |
| लिए | लिया | had them |
| बोलाई | बुलवाकर | summoned |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.29
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 275
- सहायक विषय
- दशरथजीके पास जनकजीका दूत भेजना, अयोध्यासे बारातका प्रस्थान
- मुद्रित पृष्ठ
- 275, 276
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।