बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
करि प्रनामु तिन्ह पाती दीन्ही। मुदित महीप आपु उठि लीन्ही।।
मूल पाठ
करि प्रनामु तिन्ह पाती दीन्ही। मुदित महीप आपु उठि लीन्ही।।
बारि बिलोचन बाचत पाँती। पुलक गात आई भरि छाती।।
स्रोत अभिलेख 1.29 · पुस्तक पृ. 275, 276
भावार्थ
मूल पाठ के बाददूतोंने प्रणाम करके चि_ी दी। प्रसन्न होकर राजाने स्वयं उठकर उसे लिया। चि_ी बाँचते समय उनके नेत्रोंमें जल (प्रेम और आनन्दके आँसू) छा गया, शरीर पुलकित हो गया और छाती भर आयी॥ २॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 275 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
AI शब्दार्थनीचे के शब्दार्थ AI प्रारूप हैं; विद्वान-समीक्षा बाकी है। ऊपर का भावार्थ PDF संस्करण से है।अर्थ कैसे बने, इसकी प्रक्रिया स्रोत पृष्ठ पर पढ़ें।
1 करि प्रनामु तिन्ह पाती दीन्ही। मुदित महीप आपु उठि लीन्ही।।
English explanation
After bowing, the messengers presented the letter. The delighted king rose and received it himself.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| करि | करके | having made |
| प्रनामु | प्रणाम | a respectful bow |
| तिन्ह | उन्होंने, दूतों ने | they, the messengers |
| पाती | पत्र | the letter |
| दीन्ही | दिया | gave |
| मुदित | प्रसन्न | delighted |
| महीप | राजा | the king |
| आपु | स्वयं | himself |
| उठि | उठकर | rising |
| लीन्ही | ले लिया | received it |
2 बारि बिलोचन बाचत पाँती। पुलक गात आई भरि छाती।।
English explanation
As the king read the lines, tears filled his eyes, his body thrilled, and his breast swelled with emotion.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| बारि | जल, यहाँ आँसू | water, here tears |
| बिलोचन | आँखों में | in the eyes |
| बाचत | पढ़ते समय | while reading |
| पाँती | पत्र की पंक्तियाँ | the letter’s lines |
| पुलक | रोमांच | thrill, hair standing on end |
| गात | शरीर में | in the body |
| आई | हो आई | became |
| भरि | भरकर | filled |
| छाती | छाती | the breast |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.29
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 275
- सहायक विषय
- दशरथजीके पास जनकजीका दूत भेजना, अयोध्यासे बारातका प्रस्थान
- मुद्रित पृष्ठ
- 275, 276
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।