बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
परुसन लगे सुआर सुजाना। बिंजन बिबिध नाम को जाना।।
भावार्थ
पहले अर्थ, फिर शब्दचतुर रसोइये नाना प्रकारके व्यञ्जन परसने लगे, उनका नाम कौन जानता है। चार प्रकारके (चव्र्य, चोष्य, लेह्य, पेय अर्थात् चबाकर, चूसकर, चाटकर और पीकर खानेयोग्य) भोजनकी विधि कही गयी है, उनमेंसे एक-एक विधिके इतने पदार्थ बने थे कि जिनका वर्णन नहीं किया जा सकता॥ २॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 314 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
मूल पाठ
परुसन लगे सुआर सुजाना। बिंजन बिबिध नाम को जाना।।
चारि भाँति भोजन बिधि गाई। एक एक बिधि बरनि न जाई।।
स्रोत अभिलेख 1.329 · पुस्तक पृ. 314, 315
शब्द-दर-शब्द अर्थ
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1 परुसन लगे सुआर सुजाना। बिंजन बिबिध नाम को जाना।।
English explanation
Skilled cooks began serving. The dishes were so varied—who could know all their names?
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| परुसन | परोसना | serving |
| लगे | लगे; आरंभ किया | began |
| सुआर | रसोइये | cooks |
| सुजाना | कुशल; जानकार | skilled; knowledgeable |
| बिंजन | व्यंजन | dishes |
| बिबिध | विविध प्रकार के | of many kinds |
| नाम | नाम | names |
| को | कौन | who |
| जाना | जानता है; जान सके | knows; could know |
2 चारि भाँति भोजन बिधि गाई। एक एक बिधि बरनि न जाई।।
English explanation
The Creator has set forth four kinds of food; here, even each individual kind is beyond description.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| चारि | चार | four |
| भाँति | प्रकार | kinds |
| भोजन | भोजन के | of food |
| बिधि | विधाता; ब्रह्मा ने | the Creator, Brahma |
| गाई | बताई; वर्णित की | set forth; described |
| एक | एक | each |
| एक | एक; प्रत्येक | individual |
| बिधि | प्रकार | kind |
| बरनि | वर्णन किया | described |
| न | नहीं | not |
| जाई | जा सकता | can be |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.329
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 314
- सहायक विषय
- श्रीसीता-राम-विवाह
- मुद्रित पृष्ठ
- 314, 315
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।