बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
परबस सखिन्ह लखी जब सीता। भयउ गहरु सब कहहि सभीता।।
भावार्थ
पहले अर्थ, फिर शब्दजब सखियोंने सीताजीको परवश (पे्रमके वश) देखा, तब सब भयभीत होकर कहने लगीं—बड़ी देर हो गयी [अब चलना चाहिये]। कल इसी समय फिर आयेंगी, ऐसा कहकर एक सखी मनमें हँसी॥ ३॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 229 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
मूल पाठ
परबस सखिन्ह लखी जब सीता। भयउ गहरु सब कहहि सभीता।।
पुनि आउब एहि बेरिआँ काली। अस कहि मन बिहसी एक आली।।
स्रोत अभिलेख 1.234 · पुस्तक पृ. 228, 229
शब्द-दर-शब्द अर्थ
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1 परबस सखिन्ह लखी जब सीता। भयउ गहरु सब कहहि सभीता।।
English explanation
When her companions saw Sita overcome by emotion, they all said apprehensively, ‘It has grown late.’
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| परबस | भावों के वश में | overcome by emotion |
| सखिन्ह | सखियों ने | her companions |
| लखी | देखा | saw |
| जब | जब | when |
| सीता | सीता को | Sita |
| भयउ | हो गया | has become |
| गहरु | देर | late; a delay |
| सब | सब | all |
| कहहि | कहने लगीं | said |
| सभीता | भयभीत होकर | apprehensively |
2 पुनि आउब एहि बेरिआँ काली। अस कहि मन बिहसी एक आली।।
English explanation
‘We shall come again tomorrow at this time.’ Saying this, one companion smiled inwardly.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| पुनि | फिर | again |
| आउब | आएँगे | we shall come |
| एहि | इस | this |
| बेरिआँ | समय पर | at the time |
| काली | कल | tomorrow |
| अस | ऐसा | thus |
| कहि | कहकर | having said |
| मन | मन ही मन | inwardly |
| बिहसी | मुस्कराई | smiled |
| एक | एक | one |
| आली | सखी | female companion |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.234
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 229
- सहायक विषय
- पुष्पवाटिका-निरीक्षण, सीताजीका प्रथम दर्शन, श्रीसीतारामजीका परस्पर दर्शन
- मुद्रित पृष्ठ
- 228, 229
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