बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
पति हियँ हेतु अधिक अनुमानी। बिहसि उमा बोलीं प्रिय बानी।।
मूल पाठ
पति हियँ हेतु अधिक अनुमानी। बिहसि उमा बोलीं प्रिय बानी।।
कथा जो सकल लोक हितकारी। सोइ पूछन चह सैलकुमारी।।
स्रोत अभिलेख 1.107 · पुस्तक पृ. 121, 121
भावार्थ
मूल पाठ के बादस्वामीके हृदयमें [अपने ऊपर पहलेकी अपेक्षा] अधिक प्रेम समझकर पार्वतीजी हँसकर प्रिय वचन बोलीं। [याज्ञवल्क्यजी कहते हैं कि ] जो कथा सब लोगोंका हित करनेवाली है, उसे ही पार्वतीजी पूछना चाहती हैं॥ ३॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 121 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
AI शब्दार्थनीचे के शब्दार्थ AI प्रारूप हैं; विद्वान-समीक्षा बाकी है। ऊपर का भावार्थ PDF संस्करण से है।अर्थ कैसे बने, इसकी प्रक्रिया स्रोत पृष्ठ पर पढ़ें।
1 पति हियँ हेतु अधिक अनुमानी। बिहसि उमा बोलीं प्रिय बानी।।
English explanation
Perceiving deep affection in her husband’s heart, Uma smiled and spoke sweet words.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| पति | पति के | her husband’s |
| हियँ | हृदय में | in the heart |
| हेतु | प्रेम | affection |
| अधिक | बहुत | deep |
| अनुमानी | अनुमान करके समझकर | perceiving |
| बिहसि | मुस्कराकर | smiling |
| उमा | उमा, पार्वती | Uma, Parvati |
| बोलीं | बोलीं | spoke |
| प्रिय | मधुर | sweet |
| बानी | वाणी, वचन | words |
2 कथा जो सकल लोक हितकारी। सोइ पूछन चह सैलकुमारी।।
English explanation
The mountain king’s daughter, Parvati, wishes to ask about that story which benefits all the worlds.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| कथा | कथा | the story |
| जो | जो | which |
| सकल | सभी | all |
| लोक | लोकों के लिए | the worlds |
| हितकारी | हित करने वाली | beneficial |
| सोइ | उसी को | that very one |
| पूछन | पूछना | to ask about |
| चह | चाहती हैं | wishes |
| सैलकुमारी | पर्वतराज की पुत्री पार्वती | Parvati, daughter of the mountain king |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.107
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 121
- सहायक विषय
- शिव-पार्वती-संवाद
- मुद्रित पृष्ठ
- 121, 121
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।