बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
पंच सबद धुनि मंगल गाना। पट पाँवड़े परहिं बिधि नाना।।
भावार्थ
पहले अर्थ, फिर शब्दपञ्चशब्द (तन्त्री, ताल, झाँझ, नगारा और तुरही—इन पाँच प्रकारके बाजोंके शब्द), पञ्चध्वनि (वेदध्वनि, वन्दिध्वनि, जयध्वनि, शङ्खध्वनि और हुलूध्वनि) और मङ्गलगान हो रहे हैं। नाना प्रकारके वस्त्रोंके पाँवड़े पड़ रहे हैं। उन्होंने (रानीने) आरती करके अघ्र्य दिया, तब श्रीरामजीने मण्डपमें गमन किया॥ २॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 300 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
मूल पाठ
पंच सबद धुनि मंगल गाना। पट पाँवड़े परहिं बिधि नाना।।
करि आरती अरघु तिन्ह दीन्हा। राम गमनु मंडप तब कीन्हा।।
स्रोत अभिलेख 1.319 · पुस्तक पृ. 300, 300
शब्द-दर-शब्द अर्थ
1 पंच सबद धुनि मंगल गाना। पट पाँवड़े परहिं बिधि नाना।।
English explanation
Five kinds of instruments resound along with auspicious songs; cloth runners of various kinds are being spread along the path.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| पंच | पाँच प्रकार के | five kinds of |
| सबद | वाद्य-स्वर | instrumental sounds |
| धुनि | ध्वनि | resounding sound |
| मंगल | मंगलमय | auspicious |
| गाना | गीतों का गायन | singing of songs |
| पट | वस्त्रों के | of cloth |
| पाँवड़े | पथ पर बिछाए जाने वाले पाँवड़े | runners laid for walking upon |
| परहिं | बिछाए जाते हैं | are being spread |
| बिधि | प्रकार के | of kinds |
| नाना | अनेक | various |
2 करि आरती अरघु तिन्ह दीन्हा। राम गमनु मंडप तब कीन्हा।।
English explanation
After performing the welcoming lamp ceremony, they offered the ceremonial water. Rama then proceeded toward the wedding pavilion.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| करि | करके | having performed |
| आरती | आरती | the ceremonial waving of lamps |
| अरघु | सम्मानार्थ अर्घ्य-जल | ceremonial water offered in honor |
| तिन्ह | उन्होंने | they |
| दीन्हा | दिया | offered |
| राम | राम ने | Rama, the bridegroom |
| गमनु | प्रस्थान | departure |
| मंडप | विवाह-मंडप की ओर | toward the wedding pavilion |
| तब | तब | then |
| कीन्हा | किया | made |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.319
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 300
- सहायक विषय
- बारातका जनकपुरमें आना और स्वागतादि
- मुद्रित पृष्ठ
- 300, 300
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।