बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
नयन नीरु हटि मंगल जानी। परिछनि करहिं मुदित मन रानी।।
भावार्थ
पहले अर्थ, फिर शब्दमङ्गल-अवसर जानकर नेत्रोंके जलको रोके हुए रानी प्रसन्न मनसे परछन कर रही हैं। वेदोंमें कहे हुए तथा कुलाचारके अनुसार सभी व्यवहार रानीने भलीभाँति किये॥ १॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 300 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
मूल पाठ
नयन नीरु हटि मंगल जानी। परिछनि करहिं मुदित मन रानी।।
बेद बिहित अरु कुल आचारू। कीन्ह भली बिधि सब ब्यवहारू।।
स्रोत अभिलेख 1.319 · पुस्तक पृ. 300, 300
शब्द-दर-शब्द अर्थ
1 नयन नीरु हटि मंगल जानी। परिछनि करहिं मुदित मन रानी।।
English explanation
AI draft: Recognizing the auspicious occasion, the queen restrains her tears and joyfully performs the ceremonial welcome.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| नयन | आँखों के | of the eyes |
| नीरु | आँसू | tears |
| हटि | रोककर | restraining |
| मंगल | मंगल अवसर | an auspicious occasion |
| जानी | जानकर | recognizing |
| परिछनि | स्वागत की परिछन-विधि | ceremonial welcoming rite |
| करहिं | करती हैं | performs |
| मुदित | प्रसन्न | joyful |
| मन | मन से | in heart |
| रानी | रानी | the queen |
2 बेद बिहित अरु कुल आचारू। कीन्ह भली बिधि सब ब्यवहारू।।
English explanation
All the rites prescribed by the Vedas and the family's traditional observances were duly performed.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| बेद | वेदों द्वारा | by the Vedas |
| बिहित | निर्धारित | prescribed |
| अरु | और | and |
| कुल | कुल के | of the family |
| आचारू | परंपरागत आचार | traditional observances |
| कीन्ह | किए | performed |
| भली | अच्छी | proper |
| बिधि | रीति से | in the manner |
| सब | सभी | all |
| ब्यवहारू | अनुष्ठान और रीति-व्यवहार | rites and customary ceremonies |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.319
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 300
- सहायक विषय
- बारातका जनकपुरमें आना और स्वागतादि
- मुद्रित पृष्ठ
- 300, 300
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।