बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
नृपन्ह केरि आसा निसि नासी। बचन नखत अवली न प्रकासी।।
भावार्थ
पहले अर्थ, फिर शब्दराजाओंकी आशारूपी रात्रि नष्ट हो गयी। उनके वचनरूपी तारोंके समूहका चमकना बंद हो गया (वे मौन हो गये)। अभिमानी राजारूपी कुमुद संकुचित हो गये और कपटी राजारूपी उल्लू छिप गये॥ १॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 247 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
मूल पाठ
नृपन्ह केरि आसा निसि नासी। बचन नखत अवली न प्रकासी।।
मानी महिप कुमुद सकुचाने। कपटी भूप उलूक लुकाने।।
स्रोत अभिलेख 1.255 · पुस्तक पृ. 247, 248
शब्द-दर-शब्द अर्थ
AI शब्दार्थनीचे के शब्दार्थ AI प्रारूप हैं; विद्वान-समीक्षा बाकी है। ऊपर का भावार्थ PDF संस्करण से है।अर्थ कैसे बने, इसकी प्रक्रिया स्रोत पृष्ठ पर पढ़ें।
1 नृपन्ह केरि आसा निसि नासी। बचन नखत अवली न प्रकासी।।
English explanation
AI-generated interpretive draft: The night of the kings’ hopes ended; the array of stars that were their boasts no longer shone.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| नृपन्ह | राजाओं की | of the kings |
| केरि | की | of |
| आसा | आशा | hope |
| निसि | रात | night |
| नासी | नष्ट हो गई | came to an end |
| बचन | वचन, डींगें | words, boasts |
| नखत | तारे | stars |
| अवली | पंक्ति | array |
| न | नहीं | not |
| प्रकासी | चमकी | shone |
2 मानी महिप कुमुद सकुचाने। कपटी भूप उलूक लुकाने।।
English explanation
The proud kings shrank like night-blooming water lilies; the deceitful kings hid like owls.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| मानी | अभिमानी | proud |
| महिप | राजा | kings |
| कुमुद | रात में खिलने वाले कुमुद | night-blooming water lilies |
| सकुचाने | सिकुड़ गए | shrank back |
| कपटी | छली | deceitful |
| भूप | राजा | kings |
| उलूक | उल्लू | owls |
| लुकाने | छिप गए | hid themselves |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.255
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 247
- सहायक विषय
- श्रीलक्ष्मणजीका क्रोध
- मुद्रित पृष्ठ
- 247, 248
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।