बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
नित नूतन आदरु अधिकाई। दिन प्रति सहस भाँति पहुनाई।।
मूल पाठ
नित नूतन आदरु अधिकाई। दिन प्रति सहस भाँति पहुनाई।।
नित नव नगर अनंद उछाहू। दसरथ गवनु सोहाइ न काहू।।
स्रोत अभिलेख 1.332 · पुस्तक पृ. 317, 317
भावार्थ
मूल पाठ के बादआदर नित्य नया बढ़ता जाता है। प्रतिदिन हजारों प्रकारसे मेहमानी होती है। नगरमें नित्य नया आनन्द और उत्साह रहता है, दशरथजीका जाना किसीको नहीं सुहाता॥ २॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 317 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
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1 नित नूतन आदरु अधिकाई। दिन प्रति सहस भाँति पहुनाई।।
English explanation
Each day brings fresh and increasing honors, with hospitality offered in a thousand ways.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| नित | प्रतिदिन | daily |
| नूतन | नया | fresh; new |
| आदरु | आदर-सत्कार | honor and welcome |
| अधिकाई | बढ़ोतरी; अधिकता | increase; abundance |
| दिन | दिन | day |
| प्रति | प्रत्येक; हर | each; every |
| सहस | हजार | a thousand |
| भाँति | प्रकार से | ways |
| पहुनाई | अतिथि-सत्कार | hospitality to guests |
2 नित नव नगर अनंद उछाहू। दसरथ गवनु सोहाइ न काहू।।
English explanation
Fresh joy and enthusiasm fill the city each day; no one welcomes Dasharatha’s departure.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| नित | प्रतिदिन | daily |
| नव | नया | fresh |
| नगर | नगर में | in the city |
| अनंद | आनंद | joy |
| उछाहू | उत्साह | enthusiasm |
| दसरथ | राजा दशरथ का | King Dasharatha’s |
| गवनु | प्रस्थान | departure |
| सोहाइ | अच्छा लगता है | is pleasing |
| न | नहीं | not |
| काहू | किसी को | to anyone |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.332
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 317
- सहायक विषय
- श्रीसीता-राम-विवाह
- मुद्रित पृष्ठ
- 317, 317
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।