बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
नारि सहित मुनि पद सिरु नावा। चरन सलिल सबु भवनु सिंचावा।।
मूल पाठ
नारि सहित मुनि पद सिरु नावा। चरन सलिल सबु भवनु सिंचावा।।
निज सौभाग्य बहुत गिरि बरना। सुता बोलि मेली मुनि चरना।।
स्रोत अभिलेख 1.66 · पुस्तक पृ. 84, 85
भावार्थ
मूल पाठ के बादफिर अपनी स्त्रीसहित मुनिके चरणोंमें सिर नवाया और उनके चरणोदकको सारे घरमें छिड़काया। हिमाचलने अपने सौभाग्यका बहुत बखान किया और पुत्रीको बुलाकर मुनिके चरणोंपर डाल दिया॥ ४॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 85 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
1 नारि सहित मुनि पद सिरु नावा। चरन सलिल सबु भवनु सिंचावा।।
English explanation
Together with his wife, Himalaya bowed his head at the sage’s feet and had the entire house sprinkled with the water used to wash those feet.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| नारि | पत्नी | his wife |
| सहित | के साथ | together with |
| मुनि | मुनि नारद के | of the sage Narada |
| पद | चरणों में | at the feet |
| सिरु | सिर | head |
| नावा | झुकाया | bowed |
| चरन | चरणों का | of the feet |
| सलिल | धोने का जल | water from washing |
| सबु | पूरा | entire |
| भवनु | घर | house |
| सिंचावा | छिड़काव कराया | had sprinkled |
2 निज सौभाग्य बहुत गिरि बरना। सुता बोलि मेली मुनि चरना।।
English explanation
Himalaya spoke at length of his good fortune, then called his daughter and placed her at the sage’s feet.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| निज | अपना | his own |
| सौभाग्य | सौभाग्य | good fortune |
| बहुत | बहुत विस्तार से | at length |
| गिरि | पर्वतराज हिमालय ने | Himalaya, the mountain king |
| बरना | वर्णन किया | described |
| सुता | पुत्री पार्वती को | his daughter Parvati |
| बोलि | बुलाकर | having called |
| मेली | रख दिया | placed |
| मुनि | मुनि नारद के | of the sage Narada |
| चरना | चरणों में | at the feet |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.66
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 85
- सहायक विषय
- पार्वतीका जन्म और तपस्या
- मुद्रित पृष्ठ
- 84, 85
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।