बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
नारद समाचार सब पाए। कौतुकहीं गिरि गेह सिधाए।।
मूल पाठ
नारद समाचार सब पाए। कौतुकहीं गिरि गेह सिधाए।।
सैलराज बड़ आदर कीन्हा। पद पखारि बर आसनु दीन्हा।।
स्रोत अभिलेख 1.66 · पुस्तक पृ. 84, 85
भावार्थ
मूल पाठ के बादजब नारदजीने ये सब समाचार सुने तो वे कौतुकहीसे हिमाचलके घर पधारे। पर्वतराजने उनका बड़ा आदर किया और चरण धोकर उनको उत्तम आसन दिया॥ ३॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 85 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
AI शब्दार्थनीचे के शब्दार्थ AI प्रारूप हैं; विद्वान-समीक्षा बाकी है। ऊपर का भावार्थ PDF संस्करण से है।अर्थ कैसे बने, इसकी प्रक्रिया स्रोत पृष्ठ पर पढ़ें।
1 नारद समाचार सब पाए। कौतुकहीं गिरि गेह सिधाए।।
English explanation
Narada received all the news and went to the mountain’s home out of eager curiosity.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| नारद | देवर्षि नारद | Narada, the divine sage |
| समाचार | समाचार | news |
| सब | सभी | all |
| पाए | प्राप्त किए | received |
| कौतुकहीं | कौतूहलवश ही | out of eager curiosity |
| गिरि | पर्वतराज हिमालय के | of Himalaya, the mountain king |
| गेह | घर | home |
| सिधाए | गए | went; proceeded |
2 सैलराज बड़ आदर कीन्हा। पद पखारि बर आसनु दीन्हा।।
English explanation
The mountain king honored Narada greatly, washed his feet, and offered him an excellent seat.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| सैलराज | पर्वतराज हिमालय ने | Himalaya, king of mountains |
| बड़ | बहुत | great |
| आदर | सम्मान | honor |
| कीन्हा | किया | gave; performed |
| पद | पैर | feet |
| पखारि | धोकर | having washed |
| बर | उत्तम | excellent |
| आसनु | बैठने का आसन | seat |
| दीन्हा | दिया | offered; gave |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.66
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 85
- सहायक विषय
- पार्वतीका जन्म और तपस्या
- मुद्रित पृष्ठ
- 84, 85
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।