बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
नारद श्राप दीन्ह एक बारा। कलप एक तेहि लगि अवतारा।।
मूल पाठ
नारद श्राप दीन्ह एक बारा। कलप एक तेहि लगि अवतारा।।
गिरिजा चकित भई सुनि बानी। नारद बिष्नुभगत पुनि ग्यानि।।
स्रोत अभिलेख 1.124 · पुस्तक पृ. 135, 136
भावार्थ
मूल पाठ के बादएक बार नारदजीने शाप दिया, अत: एक कल्पमें उसके लिये अवतार हुआ। यह बात सुनकर पार्वतीजी बड़ी चकित हुईं [और बोलीं कि] नारदजी तो विष्णुभक्त और ज्ञानी हैं॥ ३॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 135 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
AI शब्दार्थनीचे के शब्दार्थ AI प्रारूप हैं; विद्वान-समीक्षा बाकी है। ऊपर का भावार्थ PDF संस्करण से है।अर्थ कैसे बने, इसकी प्रक्रिया स्रोत पृष्ठ पर पढ़ें।
1 नारद श्राप दीन्ह एक बारा। कलप एक तेहि लगि अवतारा।।
English explanation
Once Narada pronounced a curse; in one cosmic age, the Lord incarnated because of it.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| नारद | देवर्षि नारद ने | the divine sage Narada |
| श्राप | शाप | a curse |
| दीन्ह | दिया | pronounced |
| एक | एक | one |
| बारा | बार | occasion |
| कलप | कल्प में | in a cosmic age |
| एक | एक | one |
| तेहि | उस शाप के | that curse |
| लगि | कारण | because of |
| अवतारा | अवतार हुआ | incarnated |
2 गिरिजा चकित भई सुनि बानी। नारद बिष्नुभगत पुनि ग्यानि।।
English explanation
Hearing these words, Parvati was astonished: Narada is a devotee of Vishnu and is also wise.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| गिरिजा | पार्वती, पर्वतराज की पुत्री | Parvati, daughter of the mountain king |
| चकित | आश्चर्यचकित | astonished |
| भई | हुईं | became |
| सुनि | सुनकर | on hearing |
| बानी | बात | these words |
| नारद | देवर्षि नारद | the divine sage Narada |
| बिष्नुभगत | विष्णु के भक्त | a devotee of Vishnu |
| पुनि | और भी | also |
| ग्यानि | ज्ञानी | wise |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.124
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 135
- सहायक विषय
- अवतारके हेतु
- मुद्रित पृष्ठ
- 135, 136
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।