बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
कारन कवन श्राप मुनि दीन्हा। का अपराध रमापति कीन्हा।।
मूल पाठ
कारन कवन श्राप मुनि दीन्हा। का अपराध रमापति कीन्हा।।
यह प्रसंग मोहि कहहु पुरारी। मुनि मन मोह आचरज भारी।।
स्रोत अभिलेख 1.124 · पुस्तक पृ. 135, 136
भावार्थ
मूल पाठ के बादमुनिने भगवान्को शाप किस कारणसे दिया? लक्ष्मीपति भगवान्ने उनका क्या अपराध किया था? हे पुरारि (शङ्करजी)! यह कथा मुझसे कहिये। मुनि नारदके मनमें मोह होना बड़े आश्चर्यकी बात है॥ ४॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 136 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
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1 कारन कवन श्राप मुनि दीन्हा। का अपराध रमापति कीन्हा।।
English explanation
For what reason did the sage pronounce a curse? What offense had Vishnu, Lakshmi’s husband, committed?
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| कारन | कारण | reason |
| कवन | कौन-सा | what |
| श्राप | शाप | a curse |
| मुनि | मुनि नारद ने | the sage Narada |
| दीन्हा | दिया | pronounced |
| का | क्या | what |
| अपराध | अपराध | offense |
| रमापति | लक्ष्मीपति विष्णु ने | Vishnu, husband of Lakshmi |
| कीन्हा | किया | committed |
2 यह प्रसंग मोहि कहहु पुरारी। मुनि मन मोह आचरज भारी।।
English explanation
O Shiva, destroyer of Tripura, tell me this episode; delusion in the sage’s mind is a great wonder.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| यह | यह | this |
| प्रसंग | प्रसंग | episode |
| मोहि | मुझे | to me |
| कहहु | बताइए | tell |
| पुरारी | हे त्रिपुर-विनाशक शिव | O Shiva, destroyer of Tripura |
| मुनि | मुनि के | the sage’s |
| मन | मन में | in the mind |
| मोह | मोह; भ्रम | delusion |
| आचरज | आश्चर्य | wonder |
| भारी | बड़ा | great |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.124
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 136
- सहायक विषय
- अवतारके हेतु
- मुद्रित पृष्ठ
- 135, 136
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।