बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
नाम हमार एकतनु भाई। सुनि नृप बोले पुनि सिरु नाई।।
मूल पाठ
नाम हमार एकतनु भाई। सुनि नृप बोले पुनि सिरु नाई।।
कहहु नाम कर अरथ बखानी। मोहि सेवक अति आपन जानी।।
स्रोत अभिलेख 1.162 · पुस्तक पृ. 166, 167
भावार्थ
मूल पाठ के बादहे भाई! हमारा नाम एकतनु है। यह सुनकर राजाने फिर सिर नवाकर कहा—मुझे अपना अत्यन्त [अनुरागी] सेवक जानकर अपने नामका अर्थ समझाकर कहिये॥ ४॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 167 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
AI शब्दार्थनीचे के शब्दार्थ AI प्रारूप हैं; विद्वान-समीक्षा बाकी है। ऊपर का भावार्थ PDF संस्करण से है।अर्थ कैसे बने, इसकी प्रक्रिया स्रोत पृष्ठ पर पढ़ें।
1 नाम हमार एकतनु भाई। सुनि नृप बोले पुनि सिरु नाई।।
English explanation
Brother, my name is Ekatanu. Hearing this, the king bowed his head again and spoke.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| नाम | नाम | name |
| हमार | मेरा | my |
| एकतनु | एकतनु; तपस्वी का बताया हुआ नाम, अर्थात एक शरीर वाला | Ekatanu, the ascetic's claimed name, meaning ‘having one body’ |
| भाई | भाई; आत्मीय संबोधन | brother; a familiar address |
| सुनि | सुनकर | having heard |
| नृप | राजा | the king |
| बोले | बोले | spoke |
| पुनि | फिर | again |
| सिरु | सिर | head |
| नाई | झुकाकर | having bowed |
2 कहहु नाम कर अरथ बखानी। मोहि सेवक अति आपन जानी।।
English explanation
Considering me your very own devoted servant, please explain the meaning of your name.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| कहहु | कहिए; बताइए | please tell |
| नाम | नाम | the name |
| कर | का | of |
| अरथ | अर्थ | meaning |
| बखानी | व्याख्या करके; विस्तार से | explaining; in detail |
| मोहि | मुझे | me |
| सेवक | सेवक | servant |
| अति | अत्यंत | very; deeply |
| आपन | अपना; आत्मीय | your own; close to you |
| जानी | जानकर; मानकर | considering; regarding |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.162
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 167
- सहायक विषय
- प्रतापभानुकी कथा
- मुद्रित पृष्ठ
- 166, 167
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।