बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
जिमि जिमि तापसु कथइ उदासा। तिमि तिमि नृपहि उपज बिस्वासा।।
भावार्थ
पहले अर्थ, फिर शब्दज्यों-ज्यों वह तपस्वी उदासीनताकी बातें कहता था, त्यों-ही-त्यों राजाको विश्वास उत्पन्न होता जाता था। जब उस बगुलेकी तरह ध्यान लगानेवाले (कपटी) मुनिने राजाको कर्म, मन और वचनसे अपने वशमें जाना, तब वह बोला—॥ ३॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 167 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
मूल पाठ
जिमि जिमि तापसु कथइ उदासा। तिमि तिमि नृपहि उपज बिस्वासा।।
देखा स्वबस कर्म मन बानी। तब बोला तापस बगध्यानी।।
स्रोत अभिलेख 1.162 · पुस्तक पृ. 166, 167
शब्द-दर-शब्द अर्थ
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1 जिमि जिमि तापसु कथइ उदासा। तिमि तिमि नृपहि उपज बिस्वासा।।
English explanation
As the ascetic continued speaking of detachment, the king's trust grew correspondingly.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| जिमि | जैसे | as |
| जिमि | जैसे; क्रमशः | as; progressively |
| तापसु | तपस्वी | the ascetic |
| कथइ | कहता है | speaks; relates |
| उदासा | वैराग्य की बातें | detachment; dispassionate sentiments |
| तिमि | वैसे | so |
| तिमि | वैसे; उसी अनुपात में | so; correspondingly |
| नृपहि | राजा को; राजा में | in the king |
| उपज | उत्पन्न हुआ; बढ़ा | arose; grew |
| बिस्वासा | विश्वास | trust |
2 देखा स्वबस कर्म मन बानी। तब बोला तापस बगध्यानी।।
English explanation
When he saw the king under his control in deed, mind, and speech, the hypocritical ascetic then spoke.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| देखा | देखा | saw |
| स्वबस | अपने वश में | under his own control |
| कर्म | कर्म से; आचरण में | in deed; in conduct |
| मन | मन से; विचार में | in mind; in thought |
| बानी | वाणी से | in speech |
| तब | तब | then |
| बोला | बोला | spoke |
| तापस | तपस्वी | the ascetic |
| बगध्यानी | बगुले-जैसा कपटी ध्यानी | a hypocrite feigning meditation |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.162
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 167
- सहायक विषय
- प्रतापभानुकी कथा
- मुद्रित पृष्ठ
- 166, 167
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।