बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
नाम प्रसाद संभु अबिनासी। साजु अमंगल मंगल रासी।।
भावार्थ
पहले अर्थ, फिर शब्दनामहीके प्रसादसे शिवजी अविनाशी हैं और अमङ्गल वेषवाले होनेपर भी मङ्गलकी राशि हैं। शुकदेवजी और सनकादि सिद्ध, मुनि, योगीगण नामके ही प्रसादसे ब्रह्मानन्दको भोगते हैं॥ १॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 47 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
मूल पाठ
नाम प्रसाद संभु अबिनासी। साजु अमंगल मंगल रासी।।
सुक सनकादि सिद्ध मुनि जोगी। नाम प्रसाद ब्रह्मसुख भोगी।।
स्रोत अभिलेख 1.26 · पुस्तक पृ. 47, 48
शब्द-दर-शब्द अर्थ
1 नाम प्रसाद संभु अबिनासी। साजु अमंगल मंगल रासी।।
English explanation
By the grace of the Name, Shiva is imperishable; though his attire is inauspicious, he is an abundance of auspiciousness.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| नाम | राम का नाम | Rama’s Name |
| प्रसाद | कृपा से | by the grace of |
| संभु | शिव | Shiva |
| अबिनासी | अविनाशी | imperishable |
| साजु | वेश; सज्जा | attire; adornment |
| अमंगल | अशुभ | inauspicious |
| मंगल | शुभता; कल्याण | auspiciousness; well-being |
| रासी | राशि; भंडार | abundance; treasury |
2 सुक सनकादि सिद्ध मुनि जोगी। नाम प्रसाद ब्रह्मसुख भोगी।।
English explanation
Shukadeva, Sanaka and the other sages, perfected beings, ascetics, and yogis experience the bliss of Brahman through the grace of the Name.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| सुक | ऋषि शुकदेव | the sage Shukadeva |
| सनकादि | सनक आदि ऋषि | Sanaka and the other sages |
| सिद्ध | सिद्धि प्राप्त साधक | perfected spiritual practitioners |
| मुनि | मननशील ऋषि | contemplative sages |
| जोगी | योग-साधक | yogis |
| नाम | राम का नाम | Rama’s Name |
| प्रसाद | कृपा से | by the grace of |
| ब्रह्मसुख | ब्रह्म का आनंद | the bliss of Brahman |
| भोगी | अनुभव करने वाले | those who experience |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.26
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 47
- सहायक विषय
- श्रीनाम-वन्दना और नाम-महिमा
- मुद्रित पृष्ठ
- 47, 48
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।