बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
नाम तुम्हार प्रताप दिनेसा। सत्यकेतु तव पिता नरेसा।।
मूल पाठ
नाम तुम्हार प्रताप दिनेसा। सत्यकेतु तव पिता नरेसा।।
गुर प्रसाद सब जानिअ राजा। कहिअ न आपन जानि अकाजा।।
स्रोत अभिलेख 1.164 · पुस्तक पृ. 168, 168
भावार्थ
मूल पाठ के बादतुम्हारा नाम प्रतापभानु है, महाराज सत्यकेतु तुम्हारे पिता थे। हे राजन्! गुरुकी कृपासे मैं सब जानता हूँ, पर अपनी हानि समझकर कहता नहीं॥ १॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 168 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
AI शब्दार्थनीचे के शब्दार्थ AI प्रारूप हैं; विद्वान-समीक्षा बाकी है। ऊपर का भावार्थ PDF संस्करण से है।अर्थ कैसे बने, इसकी प्रक्रिया स्रोत पृष्ठ पर पढ़ें।
1 नाम तुम्हार प्रताप दिनेसा। सत्यकेतु तव पिता नरेसा।।
English explanation
AI draft: O king, your name is Pratap, and your father is King Satyaketu.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| नाम | नाम | name |
| तुम्हार | तुम्हारा | your |
| प्रताप | प्रताप, राजा का नाम | Pratap, the king’s name |
| दिनेसा | हे राजन् | O king |
| सत्यकेतु | सत्यकेतु, तुम्हारे पिता का नाम | Satyaketu, your father’s name |
| तव | तुम्हारे | your |
| पिता | पिता | father |
| नरेसा | राजा | king |
2 गुर प्रसाद सब जानिअ राजा। कहिअ न आपन जानि अकाजा।।
English explanation
O king, through my teacher’s grace I know everything, but I do not disclose it, considering it harmful to myself.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| गुर | गुरु की | of the spiritual teacher |
| प्रसाद | कृपा से | through grace |
| सब | सब कुछ | everything |
| जानिअ | मैं जानता हूँ | I know |
| राजा | हे राजा | O king |
| कहिअ | मैं कहता हूँ | I disclose |
| न | नहीं | not |
| आपन | अपना | my own |
| जानि | समझकर | considering |
| अकाजा | अहित | harm |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.164
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 168
- सहायक विषय
- प्रतापभानुकी कथा
- मुद्रित पृष्ठ
- 168, 168
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।