बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
नाम कामतरु काल कराला। सुमिरत समन सकल जग जाला।।
मूल पाठ
नाम कामतरु काल कराला। सुमिरत समन सकल जग जाला।।
राम नाम कलि अभिमत दाता। हित परलोक लोक पितु माता।।
स्रोत अभिलेख 1.27 · पुस्तक पृ. 48, 49
भावार्थ
मूल पाठ के बादऐसे कराल (कलियुगके) कालमें तो नाम ही कल्पवृक्ष है, जो स्मरण करते ही संसारके सब जंजालोंको नाश कर देनेवाला है। कलियुगमें यह रामनाम मनोवाञ्छित फल देनेवाला है, परलोकका परम हितैषी और इस लोकका माता-पिता है (अर्थात् परलोकमें भगवान्का परमधाम देता है और इस लोकमें माता-पिताके समान सब प्रकारसे पालन और रक्षण करता है)॥ ३॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 48 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
1 नाम कामतरु काल कराला। सुमिरत समन सकल जग जाला।।
English explanation
In this dreadful age, Rama’s name is a wish-fulfilling tree; when remembered, it dispels all worldly entanglements.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| नाम | रामनाम | Rama’s name |
| कामतरु | मनोकामना पूरी करने वाला वृक्ष | a wish-fulfilling tree |
| काल | काल में | in the age |
| कराला | भयानक | dreadful |
| सुमिरत | स्मरण करने पर | when remembered |
| समन | शमन करने वाला | that which dispels |
| सकल | समस्त | all |
| जग | संसार के | of the world |
| जाला | जंजालों को | entanglements |
2 राम नाम कलि अभिमत दाता। हित परलोक लोक पितु माता।।
English explanation
In the Kali age, Rama’s name grants what is desired; it is beneficial in this world and the next, like a father and mother.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| राम | राम का | Rama’s |
| नाम | नाम | name |
| कलि | कलियुग में | in the Kali age |
| अभिमत | मनचाहा फल | what is desired |
| दाता | देने वाला | giver |
| हित | हितकारी | beneficial |
| परलोक | परलोक में | in the next world |
| लोक | इस लोक में | in this world |
| पितु | पिता के समान | like a father |
| माता | माता के समान | like a mother |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.27
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 48
- सहायक विषय
- श्रीनाम-वन्दना और नाम-महिमा
- मुद्रित पृष्ठ
- 48, 49
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।