बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
नाथ संभुधनु भंजनिहारा। होइहि केउ एक दास तुम्हारा।।
मूल पाठ
नाथ संभुधनु भंजनिहारा। होइहि केउ एक दास तुम्हारा।।
आयसु काह कहिअ किन मोही। सुनि रिसाइ बोले मुनि कोही।।
स्रोत अभिलेख 1.271 · पुस्तक पृ. 260, 261
भावार्थ
मूल पाठ के बादहे नाथ! शिवजीके धनुषको तोडऩेवाला आपका कोई एक दास ही होगा। क्या आज्ञा है, मुझसे क्यों नहीं कहते? यह सुनकर क्रोधी मुनि रिसाकर बोले—॥ १॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 260 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
AI शब्दार्थनीचे के शब्दार्थ AI प्रारूप हैं; विद्वान-समीक्षा बाकी है। ऊपर का भावार्थ PDF संस्करण से है।अर्थ कैसे बने, इसकी प्रक्रिया स्रोत पृष्ठ पर पढ़ें।
1 नाथ संभुधनु भंजनिहारा। होइहि केउ एक दास तुम्हारा।।
English explanation
AI draft: Lord, whoever broke Shiva’s bow must be one of your servants.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| नाथ | हे स्वामी | O lord |
| संभुधनु | शिव का धनुष | Shiva’s bow |
| भंजनिहारा | तोड़ने वाला | the one who broke it |
| होइहि | होगा | must be |
| केउ | कोई | some |
| एक | एक | one |
| दास | सेवक | servant |
| तुम्हारा | आपका | of yours |
2 आयसु काह कहिअ किन मोही। सुनि रिसाइ बोले मुनि कोही।।
English explanation
What is your command? Why not tell me? Hearing this, the irascible sage Parashurama spoke angrily.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| आयसु | आज्ञा | command |
| काह | क्या | what |
| कहिअ | कहिए | please tell |
| किन | क्यों नहीं | why not |
| मोही | मुझे | to me |
| सुनि | सुनकर | having heard |
| रिसाइ | क्रुद्ध होकर | becoming angry |
| बोले | बोले | said |
| मुनि | मुनि परशुराम | the sage Parashurama |
| कोही | क्रोधी | irascible |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.271
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 260
- सहायक विषय
- श्रीराम-लक्ष्मण और परशुराम-संवाद
- मुद्रित पृष्ठ
- 260, 261
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।