बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
नाथ धरेउ नरतनु केहि हेतू। मोहि समुझाइ कहहु बृषकेतू।।
मूल पाठ
नाथ धरेउ नरतनु केहि हेतू। मोहि समुझाइ कहहु बृषकेतू।।
उमा बचन सुनि परम बिनीता। रामकथा पर प्रीति पुनीता।।
स्रोत अभिलेख 1.12 · पुस्तक पृ. 131, 133
भावार्थ
मूल पाठ के बादफिर हे नाथ! उन्होंने मनुष्यका शरीर किस कारणसे धारण किया? हे धर्मकी ध्वजा धारण करनेवाले प्रभो! यह मुझे समझाकर कहिये। पार्वतीके अत्यन्त नम्र वचन सुनकर और श्रीरामचन्द्रजीकी कथामें उनका विशुद्ध प्रेम देखकर—॥ ४॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 132 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
AI शब्दार्थनीचे के शब्दार्थ AI प्रारूप हैं; विद्वान-समीक्षा बाकी है। ऊपर का भावार्थ PDF संस्करण से है।अर्थ कैसे बने, इसकी प्रक्रिया स्रोत पृष्ठ पर पढ़ें।
1 नाथ धरेउ नरतनु केहि हेतू। मोहि समुझाइ कहहु बृषकेतू।।
English explanation
Lord, why did Rama assume a human body? O Shiva, whose banner bears the bull, explain this to me.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| नाथ | हे नाथ | O lord |
| धरेउ | धारण किया | assumed |
| नरतनु | मानव शरीर | a human body |
| केहि | किस | what |
| हेतू | कारण से | for reason |
| मोहि | मुझे | to me |
| समुझाइ | समझाकर | making clear |
| कहहु | बताइए | please tell |
| बृषकेतू | हे वृषभध्वज शिव | O Shiva, bearer of the bull-banner |
2 उमा बचन सुनि परम बिनीता। रामकथा पर प्रीति पुनीता।।
English explanation
Hearing Uma’s deeply humble words and her pure love for Rama’s story—
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| उमा | पार्वती के | of Uma, Parvati |
| बचन | वचन | words |
| सुनि | सुनकर | having heard |
| परम | अत्यंत | deeply |
| बिनीता | विनम्र | humble |
| रामकथा | राम की कथा | Rama’s story |
| पर | के प्रति | toward |
| प्रीति | प्रेम | love |
| पुनीता | पवित्र | pure |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.12
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 132
- सहायक विषय
- शिव-पार्वती-संवाद · अवतारके हेतु
- मुद्रित पृष्ठ
- 131, 133
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।