बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
नर नारायन सरिस सुभ्राता। जग पालक बिसेषि जन त्राता।।
मूल पाठ
नर नारायन सरिस सुभ्राता। जग पालक बिसेषि जन त्राता।।
भगति सुतिय कल करन बिभूषन। जग हित हेतु बिमल बिधु पूषन ।
स्रोत अभिलेख 1.2 · पुस्तक पृ. 42, 42
भावार्थ
मूल पाठ के बादये दोनों अक्षर नर-नारायणके समान सुन्दर भाई हैं, ये जगत्का पालन और विशेषरूपसे भक्तोंकी रक्षा करनेवाले हैं। ये भक्तिरूपिणी सुन्दर स्त्रीके कानोंके सुन्दर आभूषण (कर्णफूल) हैं और जगत्के हितके लिये निर्मल चन्द्रमा और सूर्य हैं॥ ३॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 42 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
1 नर नारायन सरिस सुभ्राता। जग पालक बिसेषि जन त्राता।।
English explanation
They are noble brothers like Nara and Narayana, sustainers of the world and especially protectors of devotees.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| नर | ऋषि नर | the sage Nara |
| नारायन | नर के साथी ऋषि नारायण | Narayana, Nara’s companion sage |
| सरिस | के समान | like |
| सुभ्राता | सुंदर भाई | noble brothers |
| जग | संसार के | of the world |
| पालक | पालन करने वाले | sustainers |
| बिसेषि | विशेष रूप से | especially |
| जन | भक्तों के | of devotees |
| त्राता | रक्षक | protectors |
2 भगति सुतिय कल करन बिभूषन। जग हित हेतु बिमल बिधु पूषन ।
English explanation
They are lovely ear ornaments for devotion personified as a beautiful woman, and a pure moon and sun for the world’s welfare.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| भगति | भक्ति | devotion |
| सुतिय | सुंदर स्त्री | a beautiful woman |
| कल | सुंदर | lovely |
| करन | कानों के | for the ears |
| बिभूषन | आभूषण | ornaments |
| जग | संसार के | of the world |
| हित | कल्याण | welfare |
| हेतु | के लिए | for |
| बिमल | निर्मल | pure |
| बिधु | चंद्रमा | moon |
| पूषन | सूर्य | sun |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.2
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 42
- सहायक विषय
- श्रीनाम-वन्दना और नाम-महिमा
- मुद्रित पृष्ठ
- 42, 42
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।