बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
नगर निकट बरात सुनि आई। पुर खरभरु सोभा अधिकाई।।
मूल पाठ
नगर निकट बरात सुनि आई। पुर खरभरु सोभा अधिकाई।।
करि बनाव सजि बाहन नाना। चले लेन सादर अगवाना।।
स्रोत अभिलेख 1.95 · पुस्तक पृ. 109, 109
भावार्थ
मूल पाठ के बादबरातको नगरके निकट आयी सुनकर नगरमें चहल-पहल मच गयी, जिससे उसकी शोभा बढ़ गयी। अगवानी करनेवाले लोग बनाव-शृंगार करके तथा नाना प्रकारकी सवारियोंको सजाकर आदरसहित बरातको लेने चले॥ १॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 109 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
1 नगर निकट बरात सुनि आई। पुर खरभरु सोभा अधिकाई।।
English explanation
Hearing that the wedding procession had arrived near the city, the city bustled with activity and grew still more splendid.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| नगर | नगर के | the city |
| निकट | पास | near |
| बरात | विवाह की बरात | the wedding procession |
| सुनि | सुनकर | having heard |
| आई | आ गई | had arrived |
| पुर | नगर में | in the city |
| खरभरु | चहल-पहल, हलचल | bustle and activity |
| सोभा | शोभा | splendor |
| अधिकाई | बढ़ गई | increased |
2 करि बनाव सजि बाहन नाना। चले लेन सादर अगवाना।।
English explanation
After making preparations and adorning various vehicles, the welcoming party set out respectfully to receive the wedding procession.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| करि | करके | having made |
| बनाव | तैयारी और सजावट | preparations and adornments |
| सजि | सजाकर | having adorned |
| बाहन | सवारी के वाहन | vehicles and mounts |
| नाना | तरह-तरह के | of various kinds |
| चले | चल पड़े | set out |
| लेन | लेने, स्वागत करके लाने | to receive and escort |
| सादर | आदर के साथ | respectfully |
| अगवाना | अगवानी करने वाले लोग | the welcoming party |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.95
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 109
- सहायक विषय
- शिवजीकी विचित्र बारात और विवाहकी तैयारी
- मुद्रित पृष्ठ
- 109, 109
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।