बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
धरि धीरजु एक आलि सयानी। सीता सन बोली गहि पानी।।
मूल पाठ
धरि धीरजु एक आलि सयानी। सीता सन बोली गहि पानी।।
बहुरि गौरि कर ध्यान करेहू। भूपकिसोर देखि किन लेहू।।
स्रोत अभिलेख 1.234 · पुस्तक पृ. 228, 229
भावार्थ
मूल पाठ के बादएक चतुर सखी धीरज धरकर, हाथ पकड़कर सीताजीसे बोली—गिरिजाजीका ध्यान फिर कर लेना, इस समय राजकुमारको क्यों नहीं देख लेतीं॥ १॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 228 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
AI शब्दार्थनीचे के शब्दार्थ AI प्रारूप हैं; विद्वान-समीक्षा बाकी है। ऊपर का भावार्थ PDF संस्करण से है।अर्थ कैसे बने, इसकी प्रक्रिया स्रोत पृष्ठ पर पढ़ें।
1 धरि धीरजु एक आलि सयानी। सीता सन बोली गहि पानी।।
English explanation
AI draft: Composing herself, a wise companion took Sita’s hand and spoke to her.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| धरि | धारण करके | having mustered |
| धीरजु | धैर्य | composure |
| एक | एक | one |
| आलि | सखी | female companion |
| सयानी | समझदार | wise |
| सीता | सीता से | to Sita |
| सन | से | to |
| बोली | बोली | spoke |
| गहि | पकड़कर | taking hold of |
| पानी | हाथ | her hand |
2 बहुरि गौरि कर ध्यान करेहू। भूपकिसोर देखि किन लेहू।।
English explanation
You can meditate on Gauri afterward; why not look at the princes now?
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| बहुरि | फिर; बाद में | afterward |
| गौरि | देवी गौरी | Gauri, goddess Parvati |
| कर | का | of |
| ध्यान | ध्यान | meditation |
| करेहू | कर लेना | you may do |
| भूपकिसोर | राजकुमारों को | the young princes |
| देखि | देख | look at |
| किन | क्यों नहीं | why not |
| लेहू | लेतीं | take the opportunity to |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.234
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 228
- सहायक विषय
- पुष्पवाटिका-निरीक्षण, सीताजीका प्रथम दर्शन, श्रीसीतारामजीका परस्पर दर्शन
- मुद्रित पृष्ठ
- 228, 229
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।