बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
धरम धुरंधर नीति निधाना। तेज प्रताप सील बलवाना।।
भावार्थ
पहले अर्थ, फिर शब्दवह धर्मकी धुरीको धारण करनेवाला, नीतिकी खान, तेजस्वी, प्रतापी, सुशील और बलवान् था, उसके दो वीर पुत्र हुए, जो सब गुणोंके भण्डार और बड़े ही रणधीर थे॥ २॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 159 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
मूल पाठ
धरम धुरंधर नीति निधाना। तेज प्रताप सील बलवाना।।
तेहि कें भए जुगल सुत बीरा। सब गुन धाम महा रनधीरा।।
स्रोत अभिलेख 1.153 · पुस्तक पृ. 159, 159
शब्द-दर-शब्द अर्थ
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1 धरम धुरंधर नीति निधाना। तेज प्रताप सील बलवाना।।
English explanation
He was an upholder of righteousness, a repository of wise conduct, and endowed with brilliance, majesty, good character, and strength.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| धरम | धर्म का | of righteousness |
| धुरंधर | भार सँभालने वाले | a steadfast upholder |
| नीति | नीति के | of wise conduct |
| निधाना | भंडार | a repository |
| तेज | तेज से | with brilliance |
| प्रताप | प्रताप से | with majesty |
| सील | सदाचार से | with good character |
| बलवाना | बलसंपन्न | strong |
2 तेहि कें भए जुगल सुत बीरा। सब गुन धाम महा रनधीरा।।
English explanation
He had two valiant sons, repositories of every virtue and exceedingly steadfast in battle.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| तेहि | उन राजा के | of that king |
| कें | यहाँ; उनके | to him |
| भए | हुए | were born |
| जुगल | दो | two |
| सुत | पुत्र | sons |
| बीरा | वीर | valiant |
| सब | सभी | all |
| गुन | गुणों के | virtues |
| धाम | भंडार | repositories |
| महा | अत्यंत | exceedingly |
| रनधीरा | युद्ध में धीर | steadfast in battle |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.153
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 159
- सहायक विषय
- प्रतापभानुकी कथा
- मुद्रित पृष्ठ
- 159, 159
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।