बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
देव पितर पूजे बिधि नीकी। पूजीं सकल बासना जी की।।
मूल पाठ
देव पितर पूजे बिधि नीकी। पूजीं सकल बासना जी की।।
सबहिं बंदि मागहिं बरदाना। भाइन्ह सहित राम कल्याना।।
स्रोत अभिलेख 1.351 · पुस्तक पृ. 332, 333
भावार्थ
मूल पाठ के बादमनकी सभी वासनाएँ पूरी हुई जानकर देवता और पितरोंका भलीभाँति पूजन किया। सबकी वन्दना करके माताएँ यही वरदान माँगती हैं कि भाइयोंसहित श्रीरामजीका कल्याण हो॥ १॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 332 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
AI शब्दार्थनीचे के शब्दार्थ AI प्रारूप हैं; विद्वान-समीक्षा बाकी है। ऊपर का भावार्थ PDF संस्करण से है।अर्थ कैसे बने, इसकी प्रक्रिया स्रोत पृष्ठ पर पढ़ें।
1 देव पितर पूजे बिधि नीकी। पूजीं सकल बासना जी की।।
English explanation
AI-generated draft: The gods and ancestors were duly worshipped; all the heart’s wishes were fulfilled.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| देव | देवताओं को | the gods |
| पितर | पितरों को | the ancestors |
| पूजे | पूजा की | worshipped |
| बिधि | विधि से | according to the ritual procedure |
| नीकी | अच्छी, उचित | proper, fitting |
| पूजीं | पूरी हुईं | were fulfilled |
| सकल | सभी | all |
| बासना | इच्छाएँ | wishes |
| जी | मन | the heart |
| की | की | of |
2 सबहिं बंदि मागहिं बरदाना। भाइन्ह सहित राम कल्याना।।
English explanation
Bowing to all, the mothers ask for the blessing that Rama and his brothers may prosper.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| सबहिं | सबको | to all |
| बंदि | प्रणाम करके | having bowed |
| मागहिं | माँगती हैं | ask for |
| बरदाना | वरदान | a blessing |
| भाइन्ह | भाइयों के | his brothers |
| सहित | साथ | together with |
| राम | राम का | of Rama |
| कल्याना | कल्याण | well-being |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.351
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 332
- सहायक विषय
- बारातका अयोध्या लौटना और अयोध्यामें आनन्द
- मुद्रित पृष्ठ
- 332, 333
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।