बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
देखी बिपुल बिकल बैदेही। निमिष बिहात कलप सम तेही।।
मूल पाठ
देखी बिपुल बिकल बैदेही। निमिष बिहात कलप सम तेही।।
तृषित बारि बिनु जो तनु त्यागा। मुएँ करइ का सुधा तड़ागा।।
स्रोत अभिलेख 1.261 · पुस्तक पृ. 252, 252
भावार्थ
मूल पाठ के बादउन्होंने जानकीजीको बहुत ही विकल देखा। उनका एक-एक क्षण कल्पके समान बीत रहा था। यदि प्यासा आदमी पानीके बिना शरीर छोड़ दे, तो उसके मर जानेपर अमृतका तालाब भी क्या करेगा?॥ १॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 252 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
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1 देखी बिपुल बिकल बैदेही। निमिष बिहात कलप सम तेही।।
English explanation
Rama saw Sita deeply distressed; to her, each moment was passing like an aeon.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| देखी | देखा | saw |
| बिपुल | अत्यंत | extremely |
| बिकल | व्याकुल | distressed |
| बैदेही | विदेह की राजकुमारी सीता को | Sita, princess of Videha |
| निमिष | पलक झपकने जितना क्षण | a moment, a blink of an eye |
| बिहात | बीतता था | was passing |
| कलप | कल्प; अत्यंत लंबा काल | an aeon |
| सम | के समान | like |
| तेही | उन सीता के लिए | for her, Sita |
2 तृषित बारि बिनु जो तनु त्यागा। मुएँ करइ का सुधा तड़ागा।।
English explanation
If a thirsty person dies for lack of water, what can even a lake of nectar do after their death?
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| तृषित | प्यासा | thirsty |
| बारि | जल | water |
| बिनु | के बिना | without |
| जो | जो व्यक्ति | one who |
| तनु | शरीर | the body |
| त्यागा | त्याग दे; प्राण छोड़ दे | abandons; gives up life |
| मुएँ | मर जाने पर | once dead |
| करइ | कर सकता है | can do |
| का | क्या लाभ | what good |
| सुधा | अमृत का | of life-giving nectar |
| तड़ागा | सरोवर | a lake |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.261
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 252
- सहायक विषय
- धनुषभंग
- मुद्रित पृष्ठ
- 252, 252
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।