बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
देखि समाजु मुदित रनिवासू। सब कें उर अनंद कियो बासू।।
मूल पाठ
देखि समाजु मुदित रनिवासू। सब कें उर अनंद कियो बासू।।
कहेउ भूप जिमि भयउ बिबाहू। सुनि हरषु होत सब काहू।।
स्रोत अभिलेख 1.354 · पुस्तक पृ. 334, 335
भावार्थ
मूल पाठ के बादयह समाज (समारोह) देखकर रनिवास प्रसन्न हो गया। सबके हृदयमें आनन्दने निवास कर लिया। तब राजाने जिस तरह विवाह हुआ था वह सब कहा। उसे सुन-सुनकर सब किसीको हर्ष होता है॥ ३॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 335 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
AI शब्दार्थनीचे के शब्दार्थ AI प्रारूप हैं; विद्वान-समीक्षा बाकी है। ऊपर का भावार्थ PDF संस्करण से है।अर्थ कैसे बने, इसकी प्रक्रिया स्रोत पृष्ठ पर पढ़ें।
1 देखि समाजु मुदित रनिवासू। सब कें उर अनंद कियो बासू।।
English explanation
Seeing this gathering, the women of the queens’ quarters rejoiced; joy made its home in every heart.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| देखि | देखकर | seeing |
| समाजु | सभा को | the gathering |
| मुदित | प्रसन्न | delighted |
| रनिवासू | रनिवास की स्त्रियाँ | the women of the queens’ quarters |
| सब | सब | everyone |
| कें | के | of |
| उर | हृदय में | in the hearts |
| अनंद | आनंद ने | joy |
| कियो | किया | made |
| बासू | निवास | its dwelling |
2 कहेउ भूप जिमि भयउ बिबाहू। सुनि हरषु होत सब काहू।।
English explanation
The king recounted how the wedding had taken place; everyone rejoiced on hearing it.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| कहेउ | बताया | recounted |
| भूप | राजा दशरथ ने | King Dasharatha |
| जिमि | जिस प्रकार | how |
| भयउ | हुआ | took place |
| बिबाहू | विवाह | the wedding |
| सुनि | सुनकर | on hearing |
| हरषु | हर्ष | joy |
| होत | होता था | arose |
| सब | सब | every |
| काहू | किसी को | person |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.354
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 335
- सहायक विषय
- बारातका अयोध्या लौटना और अयोध्यामें आनन्द
- मुद्रित पृष्ठ
- 334, 335
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।