बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
देखि महीप सकल सकुचाने। बाज झपट जनु लवा लुकाने।।
भावार्थ
पहले अर्थ, फिर शब्दइन्हें देखकर सब राजा सकुचा गये, मानो बाजके झपटनेपर बटेर लुक (छिप) गये हों। गोरे शरीरपर विभूति (भस्म) बड़ी फब रही है और विशाल ललाटपर त्रिपुण्ड्र विशेष शोभा दे रहा है॥ २॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 258 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
मूल पाठ
देखि महीप सकल सकुचाने। बाज झपट जनु लवा लुकाने।।
गौरि सरीर भूति भल भ्राजा। भाल बिसाल त्रिपुंड बिराजा।।
स्रोत अभिलेख 1.268 · पुस्तक पृ. 258, 258
शब्द-दर-शब्द अर्थ
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1 देखि महीप सकल सकुचाने। बाज झपट जनु लवा लुकाने।।
English explanation
Seeing Parashurama, all the kings shrank in fear, like small lava birds hiding from a hawk’s swoop.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| देखि | देखकर | on seeing |
| महीप | राजा | kings |
| सकल | सभी | all |
| सकुचाने | सहम गए; संकुचित हो गए | shrank in fear |
| बाज | बाज पक्षी की | of a hawk |
| झपट | झपट; अचानक हमला | swoop; sudden attack |
| जनु | मानो | as though |
| लवा | लवा नाम के छोटे पक्षी | small birds called lava |
| लुकाने | छिप गए | hid themselves |
2 गौरि सरीर भूति भल भ्राजा। भाल बिसाल त्रिपुंड बिराजा।।
English explanation
Sacred ash shone beautifully on his fair body, and a three-lined mark adorned his broad forehead.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| गौरि | गोरा; गौर वर्ण का | fair; light-complexioned |
| सरीर | शरीर पर | on the body |
| भूति | भस्म | sacred ash |
| भल | सुंदर ढंग से | beautifully |
| भ्राजा | शोभा दे रही थी | shone; was resplendent |
| भाल | माथे पर | on the forehead |
| बिसाल | विशाल; चौड़ा | broad |
| त्रिपुंड | भस्म की तीन आड़ी रेखाओं का चिह्न | a mark of three horizontal ash lines |
| बिराजा | सुशोभित था | was adorned; shone |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.268
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 258
- सहायक विषय
- जयमाल पहनाना
- मुद्रित पृष्ठ
- 258, 258
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