बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
देखि प्रीति सुनि बचन अमोले। एवमस्तु करुनानिधि बोले।।
मूल पाठ
देखि प्रीति सुनि बचन अमोले। एवमस्तु करुनानिधि बोले।।
आपु सरिस खोजौं कहँ जाई। नृप तव तनय होब मैं आई।।
स्रोत अभिलेख 1.15 · पुस्तक पृ. 156, 157
भावार्थ
मूल पाठ के बादराजाकी प्रीति देखकर और उनके अमूल्य वचन सुनकर करुणानिधान भगवान् बोले—ऐसा ही हो। हे राजन्! मैं अपने समान [दूसरा] कहाँ जाकर खोजूँ। अत: स्वयं ही आकर तुम्हारा पुत्र बनूँगा॥ १॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 156 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
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1 देखि प्रीति सुनि बचन अमोले। एवमस्तु करुनानिधि बोले।।
English explanation
Seeing their love and hearing their priceless words, the compassionate Lord said, “So be it.”
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| देखि | देखकर | having seen |
| प्रीति | प्रेम | love |
| सुनि | सुनकर | having heard |
| बचन | वचन | words |
| अमोले | अनमोल | priceless |
| एवमस्तु | ऐसा ही हो | so be it |
| करुनानिधि | करुणा के भंडार प्रभु | the Lord, a treasury of compassion |
| बोले | बोले | said |
2 आपु सरिस खोजौं कहँ जाई। नृप तव तनय होब मैं आई।।
English explanation
“Where shall I go to find someone like myself? O king, I myself shall come and become your son.”
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| आपु | अपने आप के | myself |
| सरिस | समान | like; equal to |
| खोजौं | मैं खोजूँ | shall I seek |
| कहँ | कहाँ | where |
| जाई | जाकर | having gone |
| नृप | हे राजन् मनु | O King Manu |
| तव | तुम्हारा | your |
| तनय | पुत्र | son |
| होब | बनूँगा | shall become |
| मैं | मैं स्वयं | I myself |
| आई | आकर | having come |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.15
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 156
- सहायक विषय
- मनु-शतरूपा-तप एवं वरदान
- मुद्रित पृष्ठ
- 156, 157
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।