बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
देखि कुठार बान धनु धारी। भै लरिकहि रिस बीरु बिचारी।।
मूल पाठ
देखि कुठार बान धनु धारी। भै लरिकहि रिस बीरु बिचारी।।
नामु जान पै तुम्हहि न चीन्हा। बंस सुभायँ उतरु तेंहिं दीन्हा।।
स्रोत अभिलेख 1.282 · पुस्तक पृ. 269, 270
भावार्थ
मूल पाठ के बादआपको कुठार, बाण और धनुष धारण किये देखकर और वीर समझकर बालकको क्रोध आ गया। वह आपका नाम तो जानता था, पर उसने आपको पहचाना नहीं। अपने वंश (रघुवंश) के स्वभावके अनुसार उसने उत्तर दिया॥ १॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 269 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
AI शब्दार्थनीचे के शब्दार्थ AI प्रारूप हैं; विद्वान-समीक्षा बाकी है। ऊपर का भावार्थ PDF संस्करण से है।अर्थ कैसे बने, इसकी प्रक्रिया स्रोत पृष्ठ पर पढ़ें।
1 देखि कुठार बान धनु धारी। भै लरिकहि रिस बीरु बिचारी।।
English explanation
Seeing you bearing an axe, arrows, and a bow, the boy took you for a warrior and became angry.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| देखि | देखकर | on seeing |
| कुठार | कुल्हाड़ा; परशु | axe |
| बान | बाण | arrows |
| धनु | धनुष | bow |
| धारी | धारण करने वाले | bearing |
| भै | हुई; उत्पन्न हुई | arose |
| लरिकहि | बालक को; लक्ष्मण को | in the boy, Lakshmana |
| रिस | क्रोध | anger |
| बीरु | वीर योद्धा | a warrior |
| बिचारी | समझकर | taking you to be |
2 नामु जान पै तुम्हहि न चीन्हा। बंस सुभायँ उतरु तेंहिं दीन्हा।।
English explanation
He knew your name but did not recognize you; he answered according to his lineage’s disposition.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| नामु | नाम | name |
| जान | जानता था | knew |
| पै | परंतु | but |
| तुम्हहि | आपको | you |
| न | नहीं | not |
| चीन्हा | पहचाना | recognized |
| बंस | वंश; क्षत्रिय कुल | lineage; warrior clan |
| सुभायँ | स्वभाव के अनुसार | according to its disposition |
| उतरु | उत्तर | reply |
| तेंहिं | उसने; लक्ष्मण ने | he, Lakshmana |
| दीन्हा | दिया | gave |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.282
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 269
- सहायक विषय
- श्रीराम-लक्ष्मण और परशुराम-संवाद
- मुद्रित पृष्ठ
- 269, 270
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।